नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सरकार जनधन योजना के बाद अब एक नई स्कीम पेश करने की योजना बना रही है। सरकार की इस स्कीम में सामान्य बैंक खाते की तरह अकाउंट खोला जा सकता है। इसपर मिलने वाला ब्याज भी सेविंग्स अकाउंट की तरह ही मिलेगा।

जानकारी के लिए बता दें नीति आयोग ने वित्त मंत्रालय से गोल्ड सेविंग्स अकाउंट की नई व्यवस्था शुरू करने की सिफारिश की है। माना जा रहा है कि वित्त मंत्रालय भी इसे पेश करने के लिए गंभीरता से विचार कर रहा है। नीति आयोग ने गोल्ड सेविंग्स अकाउंट का सुझाव ‘ट्रांसफॉर्मिंग गोल्ड मार्केट’ पेपर में दिया है।

इस खाते में सबसे दिलचस्प बात यह होगी कि आप जमा तो पैसे करेंगे, लेकिन आपकी पासबुक पर सोने की मात्रा दर्ज की जाएगी। नीति आयोग की ओर से तैयार किये गये दस्तावेजों के अनुसार जमाकर्ता को न्यूनतम एक ग्राम सोने के बराबर की राशि इस अकाउंट में जमा करनी होगी।

उदाहरण के तौर पर अगर 10 ग्राम सोने की कीमत 30,000 रुपये है और आप अपने खाते में 15000 रुपये जमा करते हैं तो आपकी पासबुक में पांच ग्राम के तौर पर दर्ज होगा।

इससे होगा दोहरा फायदा:

नीति आयोग की ओर से गोल्ड सेविंग्स अकाउंट को लेकर उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार आप जरूरत के समय पर सोना या नकदी कुछ भी निकाल सकते हैं। जैसे कि खाते में 15000 रुपये हैं तो आप बाजार के भाव के हिसाब से उतना सोना या फिर कैश कुछ भी निकाल सकते हैं।

नीति आयोग ने इस बात को बी स्पष्ट किया है कि अगर बैंक के पास फिजिकल गोल्ड देने की सुविधा नहीं है तो वह ग्राहकों को नकदी दे सकते हैं। लेकिन यह यब तक ही संभव होगा जब तक कि बैंक अपनी फिजिकल गोल्ड की कैपेसिटी को तैयार नहीं कर देता।

सबसे खास बात यह है कि गोल्ड बॉन्ड की तरह यहां ग्राहक को पैसे वापस लेने के लिए निर्धारित समय का इंतजार नहीं करना होगा। इसमें आप जब चाहें तह बैंक की शाखा में जाकर गोल्ड या कैश कुछ भी निकाल सकते हैं।

गोल्ड की होगी होम डिलिवरी-

नीति आयोग के पेपर के अनुसार एक ग्राम से कम के सोने की डिलिवरी नहीं की जा सकेगी। होम डिलिवरी के लिए एक ग्राम से ज्यादा का सोना निकालना होगा। साथ ही इसकी डिलिवरी के दौरान गोल्ड पर टैक्स और इंपोर्ट ड्यूटी का भी भुगतान करना होगा। वहीं, इस खाते को कैपिटल गेन्स टैक्स से बाहर रखने का सुझाव भी दिया गया है।

गोल्ड सेविंग्स अकाउंट को चलाने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं होगी। जानकारी के लिए बता दें अगर खाताधारक चाहे तो वह अपने गोल्ड को भी ट्रांसफर कर सकता है।

सोने पर आयात शुल्क घटने का प्रस्ताव:

नीति आयोग ने सरकार को सोने पर लगने वाले आयात शुल्क को घटाने का सुझाव दिया है। मौजूदा समय में सोने पर 10 फीसद का आयात शुल्क है। साथ ही इस पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर भी वर्तमान की 3 फीसद से नीचे लाने के लिए सुझाव दिया है। आयोग ने गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की समीक्षा और पुनर्गठन का सुझाव देते हुए गोल्ड सेविंग्स खाता शुरू करने की सलाह दी है। नीति आयोग ने सरकार से गोल्ड बोर्ड और देशभर में बुलियन एक्सचेंज स्थापित करने के लिए कहा है।

Posted By: Surbhi Jain