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नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। बाजार में बहुत सी ऐसी स्कीम्स मौजूद हैं, जिनमें निवेश करके आप बढ़िया रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। छोटी से लेकर बड़ी स्कीम में निवेश करने वाला निवेशक हमेशा यह जानने को उत्सुक रहता है कि आखिर कितने दिन में उसका पैसा डबल हो जाएगा। कुछ नियमों से जरिए यह भी आसानी से पता किया जा सकता है। यह काम रूल ऑफ 72 के जरिए आसानी से किया जा सकता है। आज हम अपनी इस खबर के माध्यम से आपको इसकी जानकारी दे रहे हैं।

क्या है रूल ऑफ 72?

रूल ऑफ 72 के मुताबिक यदि आपने एक निश्चित राशि निवेश की है और उस पर आपको सालाना एक तय दर से ब्याज मिलता है तो आप वह ब्याज की दर को 72 से भाग करके यह पता लगा सकते हैं कि कितने दिन में आपका पैसा डबल हो जाएगा।

  • उदाहरण के तौर पर आपने बैंक में 50,000 रुपए की एफडी करा रखी है, जिस पर आपको 8 फीसद की दर से सलाना ब्याज मिलता है। तो नियम के मुताबिक (72/8 = 9) नौ वर्षों में आपका पैसा डबल होकर 1,00,000 हो जाएगा।
  • इसी तरह अगर आपने सेविंग अकाउंट में 10,000 रुपए जमा कर रखें हैं जिसपर आपको तय 4 फीसद की दर से ब्याज मिलता है तो आपका पैसा डबल होने में 72/4= 18 वर्ष लग जाएंगे।
  • नियम 72 के अनुसार, पैसे को डबल करने के लिए आवश्यक समय को 72 से रिटर्न की दर से विभाजित करके निकाला जाता है। मान लीजिए आपने 10 फीसद की ब्याज दर वाली स्कीम में निवेश किया है तो आपका पैसा (72 में 10 को भाग करने पर = 7.2 मिला) यानि 7 साल दो माह में डबल हो जाएगा।
  • अगर आपने 1 लाख रुपये को 10 फीसद ब्याज दर के हिसाब से निवेश किया है तो सिर्फ 7.2 साल में पैसा 2 लाख हो जाएगा। इस का उपयोग तभी किया जा सकता है जब पैसे पर तय वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से जैसे (एफडी, किसान विकास पत्र, बांड आदि) पर रिटर्न मिलता है। 72 को 1, 2, 3, 4, 6, 8, 9 और 12 से विभाजित किया जा सकता है।

इन जगहों पर निवेश करके पैसे को ग्रोथ दी जा सकती है:

  • शेयर बाजार में निवेश से पैसे को अच्छी ग्रोथ मिलने की अधिक संभावना रहती है। 5 साल से अधिक समय के लिए निवेश करना है तो लार्ज कैप फंड का चयन बेहतर साबित हो सकता है। शेयर बाजार में निवेश से पहले इसके बारे में ठीक से जानना जरूरी है कि यह कैसे काम करता है।
  • पैसे को ग्रोथ देने के लिए किसान विकास पत्र में भी निवेश किया जा सकता है। इसकी ब्याज दरों में वित्त मंत्रालय की तरफ से समय-समय पर बदलाव होता रहता है। 
  • फिक्स्ड डिपॉजिट में गारंटीड रिटर्न मिलता है। एफडी के कार्यकाल और बैंक के अनुसार ब्याज दर बदलती रहती है। एफडी की अवधि 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की होती है। आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 सी के तहत इनकम टैक्स में छूट मिलती है। 

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Posted By: Praveen Dwivedi

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