नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। म्युचुअल फंड निवेश के लिए सबसे सरल तरीका माना जाता है। यहां निवेशकों के पैसों को एक प्रोफेशनल मैनेज करता है। म्युचुअल फंड्स स्टॉक्स, बॉन्ड्स, कैश या अन्य परिसंपत्तियों में भी निवेश कर सकते हैं। निवेशकों को म्युचुअल फंड स्कीम का चयन उनके वित्तीय लक्ष्य के आधार पर करना चाहिए। इनमें लंप संम या सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के माध्यम से निवेश किया जा सकता है।

म्युचुअल फंड्स को लेकर निवेशकों का रुझान काफी बढ़ गया है। मौजूदा समय में इंडस्ट्री का एवरेज एसेट अंडर मैनेजमेंट (एएयूएम) 23.96 लाख करोड़ रुपये (23.96 ट्रिलियन) के स्तर पर है जो कि ऑल टाइम हाई लेवल है। इंडियन म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का एयूएम बीते 10 वर्षों में चार गुना तक बढ़ गया है। यह 31 जुलाई 2008 के 5.41 ट्रिलियन से बढ़कर 31 जुलाई 2018 तक 23.06 ट्रिलियन हो गया है। 31 जुलाई 2018 तक कुल खातों की संख्या 7.55 करोड़ (75.5 मिलियन) रही है।

आंकड़ों की मानें तो म्युचुअल फंड्स निवेशक इंटरनेट के माध्यम से म्युचुअल फंड्स की बिक्री-खरीद या एसआईपी में निवेश कर रहे हैं। अगर आप भी अबतक पुराने तरीके से ही म्युचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं तो जानिए कैसे ऑनलाइन इसमें निवेश किया जा सकता है।

एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) वेबसाइट:

ज्यादातर फंड कंपनियां म्युचुअल फंड्स में ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा देती हैं। इसके लिए सबसे पहले वेबसाइट से स्कीम फॉर्म डाउनलोड करना होगा, आरंभिक जांच के साथ अपनी डिटेल भरनी होगी, पैन कार्ड (पर्मानेंट अकाउंट नंबर) की फोटो कॉपी और केवाईसी (नो योर कस्टमर) लेटर जमा कराना होगा। ऑनलाइन लेनदेन के लिए आपको व्यक्तिगत पहचान संख्या (पिन) के लिए भी आवेदन करना होगा। एक बार जब आपको पिन के साथ एक फोलियो नंबर दे दिया जाता है, आप फोलियो में आने वाले सभी लेन-देन अपने बैंक अकाउंट के जरिए ऑनलाइन माध्यम से कर पाएंगे। हालांकि, अगर आप अन्य फंड हाउसों में भी निवेश करना चाहते हैं, तो आपको पूरी प्रक्रिया में फिर से जाना होगा। यह निवेशकों के लिए सबसे आसान रास्ता है क्योंकि यह सुविधा पूरी तरह से मुफ्त है।

ब्रोकर: आज के समय में बड़े ब्रोकर एनएसई या बीएसई म्युचुअल फंड एक्सचेंज प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। आपको ब्रोकर के ऑनलाइन ट्रेडिंग टर्मिनल पर जाकर लॉग ऑन करना होगा और पोर्टल पर उपलब्ध योजनाओं की सूची से अपनी पसंद की योजना का चयन करना होगा। यूनिट को सीधे आपके डीमेट अकाउंट में जमा कर दी जाएगी। आप अपनी इच्छा के मुताबिक एसआईपी-SIP (सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान) या एकमुश्त निवेश कर सकते हैं। इसके लिए लिया जाने वाला शुल्क बेहद मामूली होता है, हालांकि यह ब्रोकर के हिसाब से अलग-अलग होता है। उदाहरण के तौर पर अगर आप आईसीआईसीआई के जरिए 8 लाख के नीचे का निवेश सिप के माध्यम से करते हैं तो यह शुल्क सिप अमाउंट का 1.5 फीसद या 30 रुपए होता है। वहीं इसी राशि में अगर आप एकमुश्त निवेश करते हैं तो आपसे 100 रुपए का शुल्क लिया जाएगा।

उन लोगों के लिए जिनके पास डीमेट अकाउंट नहीं है, वो अगर ब्रोकर के साथ जुड़ते हैं तो उनसे अलग अलग तरह के शुल्क लिए जाते हैं, जैसे कि खाता खोलने के लिए 250-750 रुपए का शुल्क वसूला जाएगा और सालाना मेंटिनेंस चार्ज 300 से 550 रुपए होगा। कई ऑनलाइन ब्रोकरेज आपको आपके निवेश खाते के साथ मौजूदा म्यूचुअल फंड (म्यूचुअल फंड) निवेशों को मैप करने की भी अनुमति देते हैं।

स्वतंत्र पोर्टल: बाजार में काफी सारे इंडिपेंटेंड यानी स्वतंत्र पोर्टल उपलब्ध हैं। यह म्युचुअल फंड निवेशकों को बिना किसी शुल्क के साथ खरीद और बिक्री की सुविधा देते हैं। इसके लिए आपको इनके साथ अकाउंट खोलना होगा, ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा, आपको इस प्री-फिल्ड ऑनलाइन फॉर्म का प्रिंट आउट लेना होगा, इस पर साइन करने होंगे और इसमें अपने पैन नंबर और केवाईसी एकनॉलेजमेंट की एक कॉरी नत्थी कर इसे इन्हें (पोर्टल को) भेजना होगा। एक बार यह प्रक्रिया हो जाने के बाद आप करीब 41 फंड हाउस से म्युचुअल फंड की खरीद कर पाएंगे।

Posted By: Surbhi Jain