नई दिल्‍ली (बिजनेस डेस्क)। ज्यादातर लोग आयकर रिटर्न एकदम आखिरी समय में भरते हैं, ऐसे में वह जल्दबाजी में रहते हैं। अगर आप जल्दी में हैं और आयकर भरने का ऑनलाइन तरीका आपको पता है तो ये काम काफी तेजी से हो सकता है। सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, ताकि आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों को सहूलियत हो। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख 31 जुलाई है। यह आकलन वर्ष 2019-20 के लिए होगा। ऐसे में सुनिश्चित करें की आपकी ओर से फाइल की गई रिटर्न ठीक है। रिटर्न भरते समय अब सभी टैक्सपेयर्स को अपना 12 अंकों का आधार नंबर और 28 अंकों का आधार एनरॉलमेंट नंबर भी भरना जरूरी है।

ई-फाइलिंग

इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन तरीके से आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को ई-फाइलिंग भी कहा जाता है। इससे कर देने वालों को काफी सुविधा हुई है। अब वो किसी भी समय, दुनिया के किसी भी कोने से अपना आयकर रिटर्न जमा कर सकते हैं।

पहला तरीका

आप इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाकर अपना इनकम टैक्स अकाउंट लॉग-इन करें। ऐसा करने के बाद E-Filing इनकम टैक्स रिटर्न का ऑप्शन आएगा। आप इसमें आकलन वर्ष के आधार पर डेटा भरें। इसके बाद रिटर्न सबमिट करें और फिर इसे ई-वेरिफाई करें।

स्टेप 1: अपने लैपटॉप में मूल्यांकन वर्ष के लिए आईटीआर का सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें।

स्टेप 2: डाउनलोड किए गए सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके रिटर्न तैयार करें।

स्टेप 3: अपनी आय, कर भुगतान, कटौती आदि के बारे में सभी जानकारी इकट्ठा करें। यह सुनिश्चित करें कि कुछ भी नहीं बचा है।

स्टेप 4: सभी डेटा दर्ज करें और टैक्स और ब्याज देने और रिफंड या टैक्स देय के अंतिम आंकड़े की गणना करने के लिए 'गणना' पर क्लिक करें। यदि कर देय है, तो तुरंत भुगतान करना याद रखें और डिटेल दर्ज करें।

स्टेप 5: ऊपर बताए गए स्टेप दोहराएं ताकि कर देय शून्य हो जाए।

स्टेप 6: अपने लैपटॉप पर XML फॉर्मेट में इनकम टैक्स रिटर्न डेटा जेनरेट करें और सेव करें।

स्टेप 7: उपयोगकर्ता की आईडी, पासवर्ड, जन्म तिथि/ के साथ ई-फाइलिंग वेबसाइट पर लॉग इन करें और कैप्चा कोड दर्ज करें।

स्टेप 8: ई-फाइल पर जाएं और 'अपलोड रिटर्न' पर क्लिक करें।

स्टेप 9: पहले से सेव किये गए ITR, आकलन वर्ष और XML फ़ाइल का चयन करें। डिजिटल साइन प्रमाणपत्र (DSC), यदि लागू हो, अपलोड करें। सुनिश्चित करें कि DSC ई-फाइलिंग के साथ रजिस्टर्ड है।

स्टेप 10: 'सबमिट' बटन पर क्लिक करें।

ई-वेरिफिकेशन के 4 तरीके होते हैं...

1. ई-मेल ओटीपी या फिर मोबाइल ओटीपी के जरिए

2. आधार ऑथेंटिफिकेशन (ईवीसी/EVC) के जरिए

3. आप अपने बैंक अकाउंट की वेबसाइट पर जाकर भी इसे वेरिफाई करा सकते हैं

4. आपको एकनॉलेजमेंट की कॉपी निकालकर उसे बैंगलुरु स्थित आयकर भवन में भेजना होगा

 

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Posted By: Nitesh