नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। व्यक्ति के जीवन में कुछ सबसे अहम कार्यों में से एक होता है रिटायरमेंट फंड तैयार करना। रिटायरमेंट की आयु के बाद जब व्यक्ति के पास आय का कोई नियमित स्रोत नहीं होता है, तो जरूरतों को पूरा करने में रिटायरमेंट फंड ही काम आता है। एक अच्छा रिटायरमेंट फंड तैयार कर व्यक्ति रिटायरमेंट के बाद के समय को बड़े आनंद के साथ जी सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे जोखिम रहित निवेश विकल्पों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके माध्यम से आप अपने रिटायरमेंट के लिए एक अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं।

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पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

यह एक सरकार समर्थित स्मॉल सेविंग स्कीम है। पोस्ट ऑफिस या एसबीआई व आईसीआईसीआई जैसे बैंकों में पीपीएफ अकाउंट खुलवाया जा सकता है। यह काफी अच्छा निवेश विकल्प है। यह ना सिर्फ उच्च रिटर्न देता है, बल्कि यहां करलाभ भी मिलता है। इस समय पीपीएफ पर ब्याज दर 7.1 फीसद है। पीपीएफ अकाउंट 15 साल में मैच्योर होता है। निवेशक पांच साल बाद पीपीएफ अकाउंट से टैक्स-फ्री आंशिक निकासी भी कर सकते हैं। इसके अलावा पांच साल बाद आपातकालीन परिस्थितियों में निवेशक पीपीएफ अकाउंट से पूर्ण निकासी कर अकाउंट बंद कर सकते हैं। यह राशि भी करयोग्य नहीं होती।

सरकारी बॉन्ड

अगर आप रिटायरमेंट के करीब पहुंच गए हैं और सुरक्षित व उच्च रिटर्न के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो अपने धन को सरकार समर्थित सरकारी बॉन्ड जैसे- आरबीआई बॉन्ड या पीएसयू बॉन्ड जैसे- आरईसी, आईआरएफसी, पीएफसी आदि में निवेश कर सकते हैं। ये बॉन्ड इस समय सात फीसद के प्री-टैक्स रिटर्न की पेशकश कर रहे हैं। इसके अलावा ईटीएफ की भारत बॉन्ड सीरीज में भी निवेश किया जा सकता है, यह केवल सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों और सॉवरेन बॉन्ड में निवेश करती है।

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)

नेशनल पेंशन सिस्टम एक सरकार समर्थित निवेश योजना है। यह योजना सब्सक्राइबर को अलग-अलग परिसंपत्ति वर्गों के लिए पसंदीदा आवंटन सेट करने का विकल्प देती है। ग्राहक एनपीएस अकाउंट के लिए पॉइंट ऑफ़ प्रेज़ेंस (PoP) पर जाकर या ई-एनपीएस वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एनपीएस सरकारी बॉन्ड्स, इक्विटी मार्केट और कॉरपोरेट ऋण सहित इंस्ट्रूमेंट्स के लिए टियर-1 और टियर-2 अकाउंट की पेशकश करता है। टियर-1 एनपीएस अकाउंट एक पेंशन अकाउंट होता है। वहीं, टियर-2 अकाउंट इन्वेस्टमेंट अकाउंट होता है।

वीपीएफ (VPF)

पीपीएफ रिटायरमेंट के लिए एक बेहतर निवेश विकल्प है। हालांकि, इसमें निवेशक एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये से अधिक निवेश नहीं कर सकते हैं। जो लोग एक साल में 1.5 लाख रुपये से अधिक निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) एक अच्छा निवेश विकल्प है। कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 100 फीसद वीपीएफ अकाउंट में जमा करा सकते हैं। वीपीएफ में ईपीएफ के बराबर ही ब्याज मिलता है। हालांकि, आप रिटायरमेंट से पहले अपनी वीपीएफ सेविंग्स की निकासी नहीं कर सकते हो।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट

यह एक सरकार समर्थित स्मॉल डिपॉजिट स्कीम है, जो बैंक एफडी की तुलना में अधिक रिटर्न देती है। निवेशक एक साल से पांच साल की अवधि के लिए इसमें निवेश कर सकते हैं। सरकार द्वारा हर तीन महीने में इस योजना पर ब्याज दर तय की जाती है। इस समय पांच साल के पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट पर 6.7 फीसद और 1,2 व 3 साल के टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसद ब्याज मिल रहा है।

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