नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कर्मचारियों के सामने अपने सेवाकाल में कुछ मौके ऐसे आ जाते हैं, जब उन्हें अपने ईपीएफ अकाउंट से पैसा निकालने की जरूरत पड़ जाती है। ईपीएफओ मेंबर्स को उनके ईपीएफ अकाउंट से पूरा या आंशिक अमाउंट निकालने के लिए कंपोजिट क्लेम फॉर्म (CCF) भरना होता है। इसी तरह ईपीएस अकाउंट से पैसे निकालने के लिए भी सीसीएफ फॉर्म भरने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि कंपोजिट क्लेम फॉर्म क्या होता है और इसे कैसे भरा जाता है।

कंपोजिट क्लेम फॉर्म दो तरह का होता है। एक उनके लिए जिन्होंने अफने ईफीएफ अकाउंट से आधार को लिंक कराया हुआ है और दूसरा उनके लिए जिन्होंने अपने अकाउंट से आधार को लिंक नहीं कराया है।

जब आधार से लिंक हो अकाउंट

अगर ईपीएफओ मेंबर ने यूएएन पोर्टल पर बैंक अकाउंट नंबर व आधार अपडेट किया हुआ है और साथ ही अपने एंप्लॉयर को ज्वाइनिंग के समय नया फॉर्म-11 सबमिट किया हुआ है, तो वह यह सीसीएफ फॉर्म भर सकता है। इस फॉर्म में सबसे पहले मेंबर को अपने क्लेम के प्रकार को फाइनल पीएफ सेटलमेंट, पीएफ पार्शियल विड्रॉल या पेंशन विड्रॉल बेनिफिट में से चिन्हित करना होगा। अब आपको यहां अपना नाम, यूएएन नंबर, आधार नंबर और ज्वाइनिंग की तारीख मेंशन करनी होगी।

अगर आप पार्शियल विड्रॉल कर रहे हैं, तो पार्शिय विड्रॉल का कारण और अमाउंट दर्ज करना होगा। अगर आप फाइनल पीएफ सेटलमेंट चाह रहे हैं, तो आपको सातवें स्थान पर कंपनी या संस्थान छोड़ने की तारीख डालनी होगी। वहीं, अगर आप सर्विस के पांच साल पूरे होने से पहले ही फाइनल विड्रॉल चाह रहे हैं, तो आपको अपना पेन नंबर और सर्विस छोड़ने का कारण फॉर्म में आठवें स्थान पर भरना होगा। उसके बाद फॉर्म के नौवें स्थान पर आपको अपना पूरा एड्रेस भरना होगा। अब इस फॉर्म को आप सीधे ईपीएफओ ऑफिस में जमा करा सकते हैं। आपके बैंक अकाउंट के प्रूफ के लिए आपको फॉर्म के साथ एक कैंसल्ड चेक भी लगाना होगा। इसके बाद अमाउंट सीधे आपके खाते में आ जाएगा।

आधार से लिंक नहीं होने पर इस तरह भरें सीसीएफ

ऊपर बतायी गई जानकारी के अनुसार, इस फॉर्म में भी आपको पहले बेसिक जानकारी भरनी होगी। ध्यान रखें कि इस फॉर्म को ईपीएफओ ऑफिस में सबमिट करने से पहले आपको इसे अपने एंप्लॉयर से अटेस्टेड करना होगा। साथ ही बैंक अकाउंट के प्रूफ के लिए फॉर्म के साथ कैंसल्ड चेक लगाना भी अनिवार्य है।

पांच साल से कम है सर्विस तो कटेगा टीडीएस

यहां आपको बता दें कि अगर कर्मचारी की सर्विस की अवधि पांच साल से कम है, तो निकासी पर टीडीएस कटता है, लेकिन अगर कुल बैलेंस 50 हजार से कम है, तो कोई टीडीएस नहीं कटता है। अगर सर्विस की अवधि पांच साल से कम है और निकासी की राशि पचास हजार से ज्यादा है व साथ ही आपने पेन नंबर सबमिट किया है, तो टीडीएस 10 फीसद कटता है। वहीं, अगर आपने पेन नंबर सबमिट नहीं किया है, तो निकासी की राशि पर 34.608 फीसद टीडीएस कटता है।

Posted By: Pawan Jayaswal

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