नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अगर आप अपने फाइनेंस को दुरुस्त रखना चाहते हैं तो बचत और निवेश दो सबसे अहम पहलू हैं। हालांकि इसके मायने व्यक्तियों के हिसाब से अलग अलग होते हैं। हमेशा ऐसी सलाह दी जाती है कि आप जैसे ही कमाई करना शुरू करें आप बचत की आदत भी डाल लें। जितनी जल्दी आप बचत और निवेश की आदत डाल लेंगे उतनी ही जल्दी आप कुछ समय में एक बड़ा कॉर्पस बना लेने की स्थिति में होंगे। लिहाजा हर किसी को क्रमबद्ध तरीके से बचत और निवेश की आदत डाल लेनी चाहिए।

अपनी वित्तीय स्वतंत्रता को हल्के में न लें, बल्ति बचत की अहमियत को समझें। अपनी वेल्थ को बढ़ाने के क्रम में आपको फिनांस के बेसिक्स को समझना होगा। अगर आप पहली बार निवेश करने जा रहे हैं तो हम अपनी इस खबर के माध्यम से आपको कुछ खास टिप्स बताने जा रहे हैं जो कि आपके काम आ सकते हैं।

तय करें निवेश का लक्ष्य: अगर आप निवेश करने जा रहे हैं तो आपको यह भी पता होना चाहिए कि आपका लक्ष्य क्या है। अगर आपको अपने निवेश का लक्ष्य पता है तो आप उसे एक बेहतर तरीके से कर सकते हैं। हर किसी को लंबी अवधि के निवेश लक्ष्य तय करने चाहिए। हमें अलग अलग एसेट क्लास के बीच के बारीक अंतर की भी जानकारी होनी चाहिए जैसे कि इक्विटी, डेट इंस्ट्रूमेंट्स इत्यादि। वहीं हर किसी को निवेश से बाहर आने की रणनीति भी पता होनी चाहिए। अगर आपको योजना बनाने और निवेश करने को लेकर किसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो आपको वित्तीय सलाहकार की मदद लेनी चाहिए।

जल्दी डाले निवेश की आदत: अगर आप निवेश की शुरुआत जल्दी कर देते हैं तो आप एक बड़ा कॉर्पस बना सकते हैं। यह सलाह दी जाती है कि आप अपनी इनकम का 15 से 20 फीसद हिस्सा बचत और निवेश में लगाएं। करियर के शुरुआती दिनों में आमतौर पर लोगों की सैलरी ज्यादा नहीं होती है, लेकिन फिर भी उन्हें लंबी अवधि के लक्ष्यों के बारे में सोचना चाहिए। आपको अपनी इनकम और खर्चों पर नजर रखनी चाहिए।

जोखिम लेने से न डरें: जब भी निवेश की बात आती है तो जाहिर तौर पर इसमें जोखिम शामिल होता है। वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने के दौरान निवेशकों को जोखिमों से नहीं डरना चाहिए। अधिकांश निवेश टूल्स थोड़े बहुत जोखिम वाले होते हैं। जोखिम को मैनेज करना भी काफी अहम होता है। जब आप निवेश की शुरुआत करने वाले हों तो अपनी जोखिम क्षमता का भी आकलन कर लें।

जल्द सफलता जैसी कोई चीज नहीं होती: जो लोग पहली बार निवेश कर रहे होते हैं, उन्हें जल्द सफलता पाने की चाह होती है। उन्हें ईएमआई का विकल्प काफी सुविधाजनक जान पड़ता है। हर किसी को यह समझने का प्रयास करना चाहिए कि केवल आवश्यक चीजों पर खर्च करें अन्यथा आप कर्ज के जाल में फंस जाएंगे। निवेश की शुरुआत 500 रुपए महीने के हिसाब से भी की जा सकती है। इसके लिए आप एसआईपी का चुनाव कर सकते हैं।

इमरजेंसी फंड का निर्माण करना शुरू करें: हर निवेशक के पास इमरजेंसी फंड का होना जरूरी होता है। इस फंड में इतना पैसा होना चाहिए कि आपके 6 से 9 महीने तक के घर के खर्च आसानी से चल जाएं। नकदी की आपात जरूरत पर यह फंड काम आता है। वित्तीय संकट के दौरान भी यह मददगार होता है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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