नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। शिक्षा की बढ़ती लागत को देखते हुए माता-पिता को अपने बच्चे के भविष्य की पढ़ाई के खर्चे के लिए अभी से प्लानिंग शुरू करनी होगी। बाजार में कई तरह की योजनाएं लिए लोग घूम रहे हैं जो आपके बच्चे की शिक्षा के लिए बचत करने में आपकी सहायता कर सकते हैं, उनमें से अधिकांश एक या एक से अधिक मापदंडों पर आपकी अपेक्षा को पूरा नहीं कर पाते हैं। ऐसे हालात में नाबालिगों के लिए सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) खाते से काफी मदद मिल सकती है। मौजूदा पीपीएफ नियम से आप नाबालिग के नाम पर पीपीएफ खाता खोल सकते हैं। हालांकि, आपके और नाबालिग बच्चे के पीपीएफ खाते में वार्षिक योगदान 1.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।

PPF खाते के बारे में वह हर जानकारी जो आप जानना चाहते हैं

पीपीएफ खाता अभिभावकों (माता, पिता) या अभिभावकों की अनुपस्थिति में खोला/संचालित किया जा सकता है। केवल एक अभिभावक ही खाता खोल सकता है। माता और पिता दोनों एक ही नाबालिग की ओर से खाता नहीं खोल सकते हैं। माता-पिता की मृत्यु के बाद कानूनी अभिभावक होने तक नाबालिग बच्चे के लिए दादा-दादी द्वारा पीपीएफ खाता नहीं खोला जा सकता है।

कहां खोल सकते हैं खाता

PPF खाते खोलने के लिए अधिकृत पोस्ट ऑफिस या किसी नामित बैंक ब्रांच के साथ माइनर पीपीएफ खाता खोला जा सकता है।

आवश्यक दस्तावेज़

अभिभावक को पीपीएफ खाता खोलने के फॉर्म में नाबालिग के साथ अपना डिटेल देना होगा। भरे हुए फॉर्म के साथ आपको अभिभावक के केवाईसी दस्तावेज, फोटोग्राफ, नाबालिग बच्चे की आयु प्रमाण (आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र) के साथ खाता खोला जा सकता है।

न्यूनतम और अधिकतम निवेश

एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम योगदान 500 रुपये है जबकि अधिकतम योगदान 1.5 लाख रुपये है। आपके और नाबालिग बच्चे के पीपीएफ खाते में वार्षिक योगदान एक वित्तीय वर्ष में 1.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।

टैक्स

मैच्योरिटी राशि के साथ माइनर पीपीएफ खाते में अर्जित ब्याज खाताधारक के लिए कर-मुक्त होता है।

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