नई दिल्‍ली, मनीश कुमार मिश्र। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस साल रेपो रेट में तीन बार कटौती की है। इसका नतीजा यह हुआ कि बैंकों ने भी लोन की ब्‍याज दरों में कटौती की, यह आम आदमी के लिए राहत की बात है। उनके होम लोन और कार लोन की EMI कम हो जाएगी। दूसरी तरफ, बैंक जमा दर यानी डिपॉजिट रेट में भी कटौती कर रहे हैं। आपको Fixed Deposit पर जो ब्‍याज मार्च-अप्रैल में मिल रहा था, अब उससे कम मिलेगा। हर कोई अपने निवेश पर ज्‍यादा रिटर्न चाहता है। आज हम आपको कुछ ऐसे विकल्‍पों के बारे में बताएंगे जिन पर मिलने वाला रिटर्न फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट की तुलना में ज्‍यादा होगा। फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट की जमा दरें जितनी घटेंगी, निवेश के इन विकल्‍पों पर रिटर्न उतना ही अधिक मिलेगा। 

बॉन्‍ड फंड

म्‍युचुअल फंडों का एक प्रकार है बॉन्‍ड फंड। ये सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं। मंगलवार यानी 16 जुलाई को 10 साल की अवधि वाले सरकारी बॉन्‍ड की यील्‍ड 0.10 फीसद घटकर 6.33 फीसद के स्‍तर पर आ गई। 6 दिसंबर 2016 के बाद से पहली बार बॉन्‍ड की यील्‍ड में इतनी कमी देखी गई है। हालांकि, बॉन्‍ड की यील्‍ड और उसकी कीमत में विपरीत संबंध है। महिंद्रा म्‍युचुअल फंड के सीईओ आशुतोष बिष्‍णोई कहते हैं कि बॉन्‍ड की यील्‍ड घटती है तो उसकी कीमत बढ़ती है। ब्‍याज दर और बॉन्‍ड से होने वाली कमाई में भी विपरीत संबध है। मान लीजिए कि सरकारी बॉन्‍ड पर सालाना 9 फीसद का रिटर्न मिल रहा है। अगर ब्‍याज दरें घटती हैं तो नए बॉन्‍ड 8 फीसद की दर से जारी किए जा सकते हैं। इस नजरिये से 9 फीसद वाले बॉन्‍ड की मांग बढ़ जाएगी। इसलिए इसकी कीमत भी बढ़ जाएगी। अब जो म्‍युचुअल फंड इन बॉन्‍ड्स में निवेश करते हैं उन्‍हें इसका फायदा होता है। उदाहरण के तौर पर पिछले एक साल में आईडीएफसी गवर्नमेंट सिक्‍योरिटीज फंड ने 17.72 फीसद का रिटर्न दिया है। टॉप 10 गिल्‍ट फंडों का रिटर्न एक साल में 16 फीसद से लेकर 17.72 फीसद रहा है। 

कम अवधि में भी कमा सकते हैं ज्‍यादा रिटर्न

सेबी रजिस्‍टर्ड इन्‍वेस्‍टमेंट एडवाइजर जितेंद्र सोलंकी कहते हैं कि जो निवेशक 1 साल से कम अवधि के लिए फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट का विकल्‍प ढूंढ रहे हैं उनके लिए अल्‍ट्रा शॉर्ट टर्म फंड बढि़या रहेगा। टॉप 10 अल्‍ट्रा शॉर्ट टर्म फंडों का रिटर्न पिछले छह महीने में 4.12 फीसद से लेकर 6.10 फीसद तक रहा है। इन फंडों में जोखिम भी अपेक्षाकृत कम होता है।

लंबी अवधि के लिए लॅन्‍ग टर्म डेट फंड्स रहेंगे बेहतर

सोलंकी कहते हैं कि अगर कोई निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहता है तो उसे मीडियम टु लॉन्‍ग ड्यूरेशन डेट फंडों का चयन करना चाहिए। ये फंड मध्‍यम से लंबी अवधि में फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट की तुलना में अेहतर रिटर्न देते हैं। उदाहरण के तौर पर टॉप 10 मीडियम टु लॉन्‍ग ड्यूरेशन डेट फंडों ने पिछले पांच साल में 7.92 फीसद से लेकर 9.35 फीसद तक का रिटर्न दिया है।

कहने का मतलब यह है कि अगर आप फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट की तुलना में बेहतर रिटर्न प्राप्‍त करना चाहते हैं तो आपके पास अल्‍पावधि से लेकर लंबी अवधि तक के ऐसे म्‍युचुअल फंड उपलब्‍ध हैं जिनमें जोखिम भी कम है और रिटर्न भी ज्‍यादा।

Posted By: Manish Mishra

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