नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अच्छा वित्तीय स्वास्थ्य आपको बेहतर और सूचनापरक निर्णय लेने में मदद करता है। नौकरी की शुरुआत में अधिकांश लोग महीने के मध्य तक अपनी पूरी सैलरी खत्म कर देते हैं। उम्र के 20वें पड़ाव पर लोग योजना बनाने, बजट बनाने और अपने खर्चों को ट्रैक करने को नजरअंदाज करने की आदत पाल लेते हैं। यही आदत उन्हें कर्ज के जाल में फंसा देती है। ऐसे में कर्ज की ईएमआई का बोझ उन पर लगातार बना रहता है।

ऐसे में अगर आप कोई मजबूत वित्तीय योजना नहीं बना सकते हैं तो कम से आपको कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए ताकि आप अपने कुछ पैसों की बचत कर पें और खुद को वित्तीय रुप से आत्मनिर्भर बना पाएं।

5 खास पर्सनल फाइनेंस हैबिट जो हैं काम की:

  • बजट बनाएं: बुनियादी और स्पष्ट जरूरतों के लिए पैसे अलग कर लेना एक बेहतर विचार हो सकता है। कुछ खास जरूरतों जैसे कि मकान का किराया देना, बिजली का बिल देना, घर में काम करने वाली मेड को पैसे देना, पानी का बिल, खाने का बिल और यात्रा के बिल के लिए सैलरी में से पैसे अलग करके रख लेना बेहद कारगर होता है। सैलरी आते ही महीने की शुरुआत में यह काम कर लेना चाहिए। इतना कर आप अपने जरूरी खर्चों को लेकर निश्चिंत हो सकते हैं।
  • शुरुआत में ही डालें निवेश की आदत: करियर की शुरुआत में ही निवेश और बचत की आदत डाल लेना फायदेमंद रहता है। करियर की शुरुआत में आमतौर पर नौकरीपेशा पर ज्यादा जिम्मेदारी नहीं होती हैं। आप निवेश के लिए जोखिम क्षमता के आधार पर किसी भी निवेश विकल्प का चयन कर सकते हैं।
  • क्रेडिट पर कम निर्भरता: पूरी तरह से क्रेडिट पर निर्भर करना एक बुरा विचार है। ऐसा करने के बचें वर्ना किसी तत्काल जरूरत और नौकरी के अस्थायी रुप से न रहने की सूरत में आपको मुश्किल हो सकती है। आपकी क्रेडिट पर निर्भरता आपकी कुल आय के 40 फीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए। क्रेडिट किसी भी फॉर्म में हो सकता है, शार्ट टर्म लोन या क्रेडिट कार्ड।
  • अपने खर्चों की समीक्षा करें: करियर की शुरुआत में यह सबसे जरूरी काम माना जाता है। आपको अपने खर्चों की साप्ताहिक समीक्षा करनी चाहिए। ताकि आप जान पाएं कि ऐसे कौन से खर्चे हैं जो अकस्मात होते हैं, बिना किसी योजना के। यह आपको अधिक खर्च करने की आदत से भी बचा सकता है।
  • इमरजेंसी फंड को मेंटेन करके रखें: नौकरी पेशा लोगों के लिए इमरजेंसी फंड बनाना बहुत फायदेमंद रहता है। यह तत्काल जरूरतों को पूरा करने के काम आता है। आप थोड़ी-थोड़ी सेविंग करके एक मोटा इमरजेंसी फंड तैयार कर सकते हैं। आप इसके लिए फिक्स्ड डिपॉजिट या रेकरिंग डिपॉजिट या फिर सिप का चुनाव कर सकते हैं।

Posted By: Praveen Dwivedi

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