नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। इक्विटी म्युचुअल फंड से लेकर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), गोल्ड, रियल एस्टेट, पीपीएफ और एनपीएस जैसे आज कई निवेश विकल्प मौजूद हैं। इसलिए इसमें थोड़ी सी दुविधा रहती है कि कौन सा निवेश प्लान चुना जाए। NPS और PPF जैसी कुछ योजनाएं जोखिम-मुक्त हैं, इसके अलावा अन्य शेयर बाजार और म्युचुअल फंड जैसे निवेश विकल्प बाजार के जोखिम के अधीन हैं। आमतौर पर निवेश साधनों का चुनाव व्यक्ति की जोखिम प्रोफ़ाइल, आयु और अन्य विभिन्न वजहों पर निर्भर करता है। लेकिन वेतनभोगी व्यक्ति के लिए कुछ निवेश विकल्प दूसरे विकल्प की तुलना में बेहतर हैं।

पीपीएफ

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) को निवेश के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है। पीपीएफ में निवेश, ब्याज दर और मैच्योरिटी पर मिली रकम टैक्स फ्री होती है। पीपीएफ में निवेश से ना सिर्फ टैक्स बेनेफिट्स मिलते हैं बल्कि यह एक सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखता है। पीपीएफ अकाउंट खोलने के लिए पहले ग्राहकों को बैंक या पोस्ट ऑफिस जाना होता था, लेकिन अब यह काम ऑनलाइन भी हो सकता है। हम आपको कुछ आसान स्टेप्स बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप ऑनलाइन पीपीएफ अकाउंट ओपन कर सकते हैं। ऑनलाइन पीपीएफ अकाउंट खोलने के लिए उस बैंक में आपका सेविंग अकाउंट होना जरूरी है। पीपीएफ अकाउंट में आप एक साल में कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं। मौजूदा कानून के मुताबिक, एक साल में पीपीएफ अकाउंट में इतनी ही रकम जमा हो सकती है। आयकर कानून के तहत एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये की रकम पर ही टैक्स से छूट मिलती है।

म्युचुअल फंड्स

म्युचुअल फंड्स निवेश करने का सबसे सरल तरीका माना जाता है। म्युचुअल फंड से बेहतर रिटर्न पाने के लिए अपने म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो को विभिन्न एसेट क्लास में डायवर्सिफाई करें। इससे आपको लगातार रिटर्न मिलता रहता है। एसआईपी या सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान एक तरह की निवेश रणनीति होती है जो निवेश को नियमित और अनुशासित निवेश के लिए प्रेरित करती है। इसमें आप 500 रुपये की न्यूनतम राशि के साथ भी निवेश शुरू कर सकते हैं। एसआईपी का यह फीचर सबसे आकर्षक माध्यम है जिसके जरिए पैसे को बाजार में लगाया जा सकता है।

एनपीएस

एनपीएस खाता 18 वर्ष की आयु से ऊपर और 65 वर्ष की आयु से कम के भारतीय नागरिक ही खोल सकते हैं। हालांकि अनिवासी भारतीय (एनआरआई) भी एनपीएस खाता खोल सकते हैं। एनपीएस के मामले में परिपक्वता (मैच्योरिटी) की अवधि निश्चित नहीं होती है। इस खाते के अंतर्गत आप 65 वर्ष की आयु तक योगदान दे सकते हैं। हालांकि इस खाते में किए जाने वाले योगदान को 70 वर्ष की आयु तक बढ़ाया जा सकता है। एनपीएस के मामले में न्यूनतम योगदान 6,000 रुपए का है। इसमें योगदान की कोई सीमा तय नहीं है लेकिन यह आपकी सैलरी के 10 फीसद से ज्यादा नहीं होना चाहिए। सेल्फ एम्प्लॉयड होने की सूरत में यह आपकी टोटल ग्रॉस इनकम के 10 फीसद से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

रियल एस्टेट में निवेश

रियल एस्टेट भी एक आकर्षक निवेश विकल्प है। हालांकि, यह आपको तय करना होगा कि आपकी ओर से खरीदी जाने वाली संपत्तियां आदर्श स्थिति में है या नहीं। आप एक अपार्टमेंट को भी किराए पर देकर नियमित आय प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि एक बार आप कोई संपत्ति खरीदते हैं और उसे बाद ने बेचते हैं तो उससे अच्छी कमाई कर सकते हैं।

Posted By: Nitesh