नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। स्टॉक मार्केट निवेश में हमेशा जोखिम शामिल होता है। बड़ी किस्मत बनाने वाले लोग अक्सर घोटालेबाज के रूप में सुर्खियां बटोरते हैं, जिससे दलाल स्ट्रीट को हमेशा संदेह की नजर से देखा जाता है, लेकिन राकेश झुनझुनवाला एक अपवाद थे। उन्होंने साफ-सुथरा तरीके से 5.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति बनाई और देश के सबसे बड़े व्यक्तिगत निवेशक का टैग हासिल किया। वह अपने पीछे एक साफ-सुथरी इमेज छोड़ गए, इसीलिए आज उन्हें भारत का वॉरेन बफेट कहा जाता है। राकेश झुनझुनवाला एक पारस पत्थर की तरह थे, वह जिस शेयर पर हाथ रखते थे, वह सोना बन जाता था। उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी निवेश के एक सवाल पर एक बात कही थी, जो आज सही साबित होती दिख रही है। आखिरी समय में भी उन्होंने पोर्टफोलियो में कई ऐसे शेयर शामिल किए, जो शायद उनके न रहने पर भी उनको प्रॉफिट देंगे।

राकेश झुनझुनवाला का आखिरी दांव

जून तिमाही के दौरान राकेश झुनझुनवाला की हिस्सेदारी कुछ कंपनियों में बनी हुई थी। इस सूची में केनरा बैंक, क्रिसिल, एडलवाइस फाइनेंशियल, फोर्टिस हेल्थकेयर, इंडियन होटल्स, अनंत राज, एग्रो टेक, प्रोजोन इंटू, रैलिस इंडिया, वीए टेक वाबैग, जुबिलेंट फार्मोवा, मैन इंफ्रा, ओरिएंट सीमेंट, वॉकहार्ट, बिलकेयर, , मेट्रो ब्रांड्स और जुबिलेंट इंग्रेविया और टाटा ग्रुप की टाटा कम्युनिकेशन व टाइटन शामिल हैं।

हालांकि, जून तिमाही के दौरान ही सरकारी एल्युमीनियम फर्म नाल्को में राकेश झुनझुनवाला की हिस्सेदारी एक फीसद से नीचे आ गई थी। राकेश झुनझुनवाला के पास 31 मार्च 2022 तक 2,50,00,000 इक्विटी शेयर या कंपनी में 1.36 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसके अलावा राकेश झुनझुनवाला और उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला ने जून तिमाही के दौरान डेल्टा कॉर्प में हिस्सेदारी बेची थी। राकेश और उनकी पत्नी के पास 31 मार्च 2022 तक 2 करोड़ इक्विटी शेयर या कंपनी में 7.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। जो अब घट चुकी है।

क्रिप्टोकरेंसी में क्यों नहीं किया निवेश

शेयर बाजार के बिग बुल कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला क्रिप्टोकरेंसी में निवेश को बहुत अच्छा नहीं मानते थे। वह क्रिप्टोकरेंसी को दूसरी नजर से देखते थे। वह कहते थे कि यह एक ऐसी करेंसी हैं,, जिसमें किसी दिन 2 फीसद और किसी दिन में 10 फीसद का उतार-चढ़ाव होता है। इसमें मुझे कोई विश्वास नहीं है। उन्होंने क्रिप्टो की तुलना करते हुए कहा था कि अगर डॉलर एक दिन में एक फीसद ऊपर जाता है, तो वह खबर बन जाती है, लेकिन बिटकॉइन में हर दिन 10-15 फीसद का उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। वह इसे सट्टेबाजी मानते थे। उन्होंने कहा था कि यह सट्टाबाजी है, इसलिए मैं इसमें कतई अपने पैसे नहीं लगा सकता।

सही साबित होती दिख रही है उनकी वो बात

राकेश झुनझुनवाला ने एक इंटरव्यू में क्रिप्टोकरेंसीज में निवेश पर पूछे जाने पर कहा था कि इक्विटी और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना बिल्कुल अलग है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश सट्टेबाजी की तरह है। उन्होंने कहा था एक दिन क्रिप्टोकरेंसी पूरी तरह से धड़ाम हो जाएगी। उनकी यह बात सही साबित होती दिख रही है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले लोगों को पिछले एक साल से नुकसान उठाना पड़ रहा है। मार्केट-कैप के हिसाब से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में पिछले एक साल में लगभग 50 फीसद से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।

Edited By: Sarveshwar Pathak

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