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SBI कार्ड होल्डर्स के लिए बुरी खबर! 1 दिसंबर से फ्यूल और ट्रांसपोर्टेशन खर्च पर लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज, बिगड़ेगा बजट!

Published: Wed, 28 Oct 2026 04:18 PM (IST)

एसबीआई क्रेडिट कार्डधारकों के लिए 1 दिसंबर 2026 से नए नियम लागू होंगे, जिसके तहत फ्यूल और ट्रांसपोर्टेशन भुगतानों पर ...और पढ़ें

SBI कार्ड होल्डर्स के लिए बुरी खबर! 1 दिसंबर से फ्यूल और ट्रांसपोर्टेशन खर्च पर लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज, कितना बिगड़ेगा बजट?

SBI कार्ड होल्डर्स के लिए बुरी खबर! 1 दिसंबर से फ्यूल और ट्रांसपोर्टेशन खर्च पर लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज, कितना बिगड़ेगा बजट?

HighLights

  1. एसबीआई क्रेडिट कार्ड पर 1 दिसंबर 2026 से नए नियम।

  2. फ्यूल और ट्रांसपोर्टेशन भुगतानों पर 1% अतिरिक्त शुल्क लगेगा।

  3. ₹3000+ ट्रांसपोर्टेशन, ₹50000+ मासिक फ्यूल पर असर।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। एसबीआई कार्डधारकों (SBI Credit Card Rules) के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के हिसाब से, 1 दिसंबर 2026 से क्रेडिट कार्ड के जरिए फ्यूल और ट्रांसपोर्टेशन पर किए जाने वाले भुगतानों पर 1% एक्स्ट्रा चार्ज वसूला जाएगा। आइए जानते हैं कि इनका असर आप पर कैसे पड़ेगा।

ट्रांसपोर्टेशन ट्रांजैक्शन पर क्या बदलेगा?

नए नियमों के हिसाब से यदि आप अपने एसबीआई क्रेडिट कार्ड से किसी भी ट्रांसपोर्टेशन ट्रांजैक्शन (यानी परिवहन संबंधी भुगतान) पर ₹3000 से ज्यादा का पेमेंट करते हैं, तो हर ट्रांजैक्शन पर 1% एक्स्ट्रा चार्ज आपको देना पड़ेगा। मालूम हो कि ये नियम पूरे महीने की बिलिंग साइकिल के कुल खर्च पर नहीं, बल्कि हर एक सिंगल ट्रांजैक्शन पर अलग से लागू होगी।

फ्यूल ट्रांजैक्शन के लिए क्या है नियम?

पेट्रोल-डीजल को लेकर भी बैंक ने एक अलग क्राइटेरिया तय किया है। यदि एक बिलिंग साइकिल (Billing Cycle) के दौरान आपके सभी फ्यूल ट्रांजैक्शन का कुल अमाउंट 50,000 रुपये से ज्यादा हो जाता है, तो कुल फ्यूल खर्च पर 1% का शुल्क लगाया जाएगा।

यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि ये फीस केवल तय लिमिट से बाहर जाने पर ही लगेगी। जैसे आपका महीने भर के फ्यूल का खर्च ₹60000 आया, और क्योंकि ₹50000 तक कोई चार्ज नहीं है, इसलिए सिर्फ बचे हुए ₹10000 पर ही 1 फीसदी का चार्ज देना होगा।

किन ग्राहकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उन कॉर्पोरेट ग्राहकों, कमर्शियल फ्लीट ऑपरेटर्स या उन लोगों पर पड़ेगा जो अपनी गाड़ियों में भारी मात्रा में ईंधन डलवाते हैं या क्रेडिट कार्ड के जरिए बड़े ट्रांसपोर्ट बिल पेमेंट करते हैं। हालांकि, आम नागरिक या वे ग्राहक जिनका मासिक फ्यूल खर्च 50,000 रुपये से कम है, उन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

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