ITR Filing 2026: आप से आगे निकले 7 करोड़ से ज्यादा लोग? भर दिया आईटीआर; आयकर विभाग ने खुद दी जानकारी
ITR Filing 2026: आयकर विभाग ने बताया कि आकलन वर्ष 2026-27 के लिए अब तक 7 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं।

आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 7 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल।
HighLights
आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 7 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल।
व्यवसाय/पेशेवर आय वाले करदाताओं के लिए 31 अगस्त 2026 अंतिम तिथि।
अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए जल्द रिटर्न भरें।
आईएएनएस, नई दिल्ली। ITR Filing 2026: आयकर विभाग ने शुक्रवार को बताया कि आकलन वर्ष (एवाई) 2026-27 के लिए अब तक 7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके हैं।
विभाग ने व्यवसाय या पेशेवर आय वाले उन करदाताओं से रिटर्न जल्द दाखिल करने की अपील की है, जिन्हें अपने खातों का ऑडिट कराने की आवश्यकता नहीं है।
आयाकर विभाग ने दी जानकारी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए एक पोस्ट में आयकर विभाग ने कहा कि 31 अगस्त 2026 ऐसे करदाताओं के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से है और जो ऑडिट के दायरे में नहीं आते। विभाग ने कहा, "आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 7 करोड़ से अधिक आईटीआर पहले ही दाखिल किए जा चुके हैं।"
इसके साथ ही पात्र करदाताओं को अंतिम समय का इंतजार न करने और जल्द से जल्द रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी गई है।
31 अगस्त है अंतिम तारीख
आयकर विभाग ने अपने पोस्ट में कहा, "31 अगस्त 2026 आकलन वर्ष 2026-27 के लिए उन करदाताओं की आईटीआर दाखिल करने की नियत तिथि है, जिनकी व्यवसाय या पेशेवर आय है और जिन पर ऑडिट लागू नहीं होता। अंतिम समय तक प्रतीक्षा न करें और अपना रिटर्न आज ही दाखिल करें।"
विभाग की यह अपील ऐसे समय में आई है जब गैर-ऑडिट श्रेणी के व्यवसायी और पेशेवर करदाताओं के लिए निर्धारित अंतिम तिथि नजदीक आ रही है। आमतौर पर अंतिम दिनों में पोर्टल पर अधिक ट्रैफिक और तकनीकी दबाव देखने को मिलता है, इसलिए विभाग समय रहते रिटर्न दाखिल करने पर जोर दे रहा है।
इससे पहले जुलाई में आयकर विभाग ने जानकारी दी थी कि 31 जुलाई 2026 की समयसीमा तक 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए गए थे। उस समय विभाग ने करदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा था कि समय पर अनुपालन और करदाताओं का भरोसा देश के विकास को गति प्रदान करता है।
31 जुलाई को भरे गए 40 लाख ITR
विभाग के अनुसार, 31 जुलाई की अंतिम तिथि वाले दिन ही 40 लाख से अधिक रिटर्न दाखिल किए गए थे। यह उन व्यक्तिगत करदाताओं और संस्थाओं के लिए निर्धारित समयसीमा थी, जिन्हें खातों का ऑडिट कराने की आवश्यकता नहीं थी।
नवीनतम आंकड़े दिखाते हैं कि जुलाई की समयसीमा के बाद भी बड़ी संख्या में व्यवसाय और पेशेवर आय वाले करदाताओं ने अपने रिटर्न दाखिल किए हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 7 करोड़ के पार पहुंच गई है। आयकर विभाग का मानना है कि डिजिटल प्रणाली और ऑनलाइन फाइलिंग सुविधाओं के विस्तार से कर अनुपालन में लगातार सुधार हो रहा है।
