EPS Pension Calculation: ₹25,000 सैलरी लिमिट लागू होते कितनी बढ़ेगी पेंशन? ये है 10 से 35 साल की नौकरी का पूरा गणित
EPS Calculation: केंद्रीय कैबिनेट ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत वेतन सीमा ₹15,000 से ...और पढ़ें
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₹25,000 सैलरी लिमिट लागू होते कितनी बढ़ेगी पेंशन? (ai photo)
HighLights
केंद्रीय कैबिनेट ने EPF/EPS वेतन सीमा ₹25,000 तक बढ़ाई।
करोड़ों नौकरीपेशा लोगों की रिटायरमेंट पेंशन में होगी बड़ी वृद्धि।
नई सीमा से मासिक पेंशन में 66.6% तक का उछाल।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: केंद्रीय कैबिनेट ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत वेतन सीमा (Wage limit) को ₹15000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने का बड़ा ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस फैसले से देशभर के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के चेहरे खिल गए हैं।
इस फैसले का सबसे बड़ा 'गेम-चेंजर' पहलू आपकी रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली मंथली पेंशन (EPS Pension) है। अब तक ₹15000 की सैलरी कैप की वजह से प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर बहुत कम पेंशन मिलती थी, लेकिन ₹25,000 की नई Wage ceiling लागू होते ही आपकी पेंशन नें सीधे 66.6% का बड़ा उछाल आया है।
EPFO के अनुसार EPS पेंशन का फॉर्मूला
मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70
* पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary): सरकार इस पर एक ऊपरी सीमा (Ceiling) तय करती है। अब तक यह ₹15,000 थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है।
* पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service): आपने जितने साल नौकरी की है। (नियम के मुताबिक, अगर आपने 20 साल या उससे ज्यादा नौकरी की है, तो 2 साल का 'सर्विस बोनस' एक्स्ट्रा मिलता है)।
कंपनी का योगदान
आपकी बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा PF में जाता है और उतना ही हिस्सा 12% कंपनी भी मिलाती है। कंपनी के 12% का बंटवारा कुछ इस तरह होता है:
1. 8.33% EPS फंड में जाता है: पुराने नियम में ₹15,000 की लिमिट पर कंपनी अधिकतम ₹1250 हर महीने आपके पेंशन फंड में डालती थी, लेकिन अब नए नियम के ₹25,000 की लिमट पर ₹2,088 आपके फंड में जमा होंगे।
2. 3.67% EPF खाते में जाता है।
₹25,000 सैलरी लिमिट पर पेंशन का कैलकुलेशन
अगर आपकी बेसिक सैलरी ₹25,000 या उससे ज्यादा है, तो पुरानी ₹15,000 की सीलिंग और नई ₹25,000 की सीलिंग में आपकी मंथली पेंशन का अंतर कितना बड़ा होगा। आइए जानते है:
| नौकरी की अवधि (Service Years) | बोनस के साल | कैलकुलेटेड साल | पुरानी सीलिंग (₹15,000) पर पेंशन | नई सीलिंग (₹25,000) पर पेंशन | हर महीने पेंशन बढ़ोतरी |
| 10 वर्ष | 0 साल | 10 वर्ष | ₹2,143 | ₹3,571 | ₹1,428 PLUS |
| 15 साल | 0 साल | 15 वर्ष | ₹3214 | ₹5357 | PLUS ₹2,143 |
| 20 वर्ष | 2 साल प्लस | 22 साल | ₹4,714 | ₹7,857 | PLUS ₹3143 |
| 25 वर्ष | 2 साल प्लस | 27 साल | ₹5786 | ₹9643 | PLUS ₹3,857 |
| 30 वर्ष | 2 साल प्लस | 32 साल | ₹6,857 | ₹11,429 | PLUS ₹4572 |
| 35 वर्ष | 2 साल प्लस | 37 साल | ₹7500 | ₹12,500 | PLUS ₹5,000 |
बता दें कि 20 साल से ज्यादा नौकरी करने वालों की पेंशन कैलकुलेशन में 2 साल का बोनस सर्विस ईयर जोड़ा गया है।
उदाहरण:
15 साल की नौकरी वाले कर्मचारी को कितमी मिलेगी पेंशन?
मान लीजिए आपकी बेसिक सैलरी ₹30,000 है और आपने 15 साल तक नौकरी की है।
- तो पुराने नियम से: पेंशन योग्य वेतन ₹15,000 माना जाता था। फॉर्मूले 15,000X15/70 के हिसाब से आपकी पेंशन ₹3,214 प्रति माह बनती थी।
- लेकिन नया नियम लागू होने पर अब पेंशन योग्य वेतन ₹25,000 माना जाएगा। फॉर्मूले 25,000X15/70 के हिसाब से आपकी पेंशन ₹5,357 प्रति माह होगी। यानी आपको को हर महीने सीधे ₹2,143 का फायदा होगा।
