EPFO New Rules: अब प्राइवेट PF ट्रस्ट के कर्मचारियों को भी मिलेगी पूरी सुरक्षा, ईपीएफओ ने तय किए कड़े नियम
EPFO New Rules: EPFO ने निजी PF ट्रस्ट चलाने वाली कंपनियों के कर्मचारियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिससे उनके अधिकार सामान्य ईपीएफओ सदस्यों के समान सुनिश्चित होंगे।
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HighLights
निजी पीएफ ट्रस्ट कर्मचारियों के अधिकार सामान्य सदस्यों के समान।
कंपनियों को नियमों का प्रदर्शन और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी।
शिकायत निवारण के लिए नियोक्ता या ईपीएफओ से संपर्क करें।
नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने ईपीएफ छूट प्राप्त संस्थानों (Extempted Establishment) यानी प्राइवेट पीएफ ट्रस्ट चलाने वाली कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। EPFO ने एक वीडियो शेयर कर स्पष्ट किया है कि ऐसे संस्थानों में कार्यरत किसी भी कर्मचारी के अधिकार, सामान्य ईपीएफओ सदस्यों से किसी भी स्थिति में कम नहीं हो सकते हैं ।
क्या हैं कर्मचारियों के मुख्य अधिकार?
EPFO के अनुसार, जब कोई कर्मचारी ऐसी कंपनी में शामिल होता है, तो उसका एक ईपीएफ अकाउंट नंबर अलॉट कर उसे यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लिंक करना अनिवार्य है। नियोक्ता (Employer) द्वारा कर्मचारी के वेतन से काटा गया 12% ईपीएफ अंशदान कंपनी के ईपीएफ ट्रस्ट में जमा होता है। वहीं, नियोक्ता के 12% हिस्से में से 8.33% ईपीएफओ के पेंशन खाते (EPF-95) में और शेष 3.67% कंपनी के ट्रस्ट खाते में जाता है। यदि कोई कर्माचारी पेंशन के लिए पात्र नहीं है, तो पूरा 12% हिस्सा ट्रस्ट के पीएफ खाते में जमा किया जाएगा।
कंपनियों के लिए ये नियम मानना अनिवार्य
1. नियमों का प्रदर्शन: नियोक्ता के लिए यह अनिवार्य है कि वह कंपनी के ईपीएफ नियमों की प्रति नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करे।
2. संशोधन का लाभ: यदि EPFO अपनी योजनाओं में कोई भी लाभकारी संशोधन करता है, तो वह ट्रस्ट के सदस्यों पर भी ऑटोमेटिकली लागू हो जाएगा।
3. पारदर्शिता: कंपनियों को अपने कर्माचारियों को कंप्यूटर टर्मिनल पर अपना पीएफ खाता देखने की सुविधा देनी होगी, साथ ही वित्तीय वर्ष के अंत में मुफ्त पासबुक भी उपलब्ध करानी होगी।
4. समय सीमा में निपटान: कर्माचारी को रिटायरमेंट, अग्रिम निकासी (Advance Withdrawal) जैसे बीमारी, पढ़ाई या शादी और नौकरी बदलने की स्थिति में फंड ट्रांसफर का निपटान ईपीएफओ को तय समय सीमा के भीतर ही करना होगा।
अधिकार न मिलने पर यहां करें शिकायत
ईपीएफओ ने द्वारा शेयर किए वीडियो में जोर देकर कहा गया कि छूट प्राप्त संस्थानों का उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देना है। यदि किसी कर्मचारी को ये सुविधाएं या अधिकार नहीं मिल रहे हैं, तो वे सबसे पहले अपने नियोक्ता या बोर्ड ऑफ ट्रस्टी से शिकायत कर सकते हैं। वहां समाधान न होने पर, कर्मचारी सीधे क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (RPFC) को ईमेल कर सकते हैं या ईपीएफओ के आधिकारिक शिकायत पोर्टल EPFiGMS पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। EPFO ने सभी सदस्यों से जागरूक बनने और अपनी सामाजिक सुरक्षा का पूरा लाभ उठाने की अपील की है।
