EPF vs PPF vs NPS: बचेगा टैक्स, भविष्य होगा सुरक्षित; किस स्कीम में छिपा है करोड़पति बनने का फॉर्मूला?
Retirement Planning: यह लेख EPF, PPF और NPS योजनाओं की विस्तृत तुलना करता है, जो भविष्य के लिए बड़ा फंड ...और पढ़ें

EPF vs PPF vs NPS: बचेगा टैक्स, भविष्य होगा सुरक्षित; किस स्कीम में छुपा है करोड़पति बनने का फॉर्मूला? (AI Generated Image)
HighLights
EPF, PPF, NPS की विशेषताओं और जोखिमों की तुलना।
करोड़पति बनने के लिए प्रत्येक योजना का संभावित फंड।
अपनी जरूरत के अनुसार सही निवेश योजना का चुनाव करें।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी भविष्य के लिए बड़ा फंड (Types of Investment) तैयार करना चाहते हैं? लेकिन कुछ ऐसा देख रहे हैं जो सेफ भी हो और जिसमें टैक्स (How to save tax) भी बच सके? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए है। आज आपको EPS, NPS और PPF, इन तीनों स्कीम्स के बारे में बहुत सरल तरीके में समझाएंगे और बताएंगे कि कौन करोड़पति (Investment for future) बनने में आपकी मदद कर सकता है।
EPF vs PPF vs NPS
टैक्स बचाने और रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार करने की बात जब भी आती है तो तो ईपीएफ (EPF), पीपीएफ (PPF) और एनपीएस (NPS) सबसे अच्छे ऑप्शन माने जाते हैं। लेकिन तीनों की स्कीम्स का काम करने का तरीका काफी अलग है। जहां ईपीएफ और पीपीएफ सरकार के समर्थन वाली सुरक्षित स्कीमें हैं, वहीं एनपीएस आपके पैसों को शेयर बाजार (Share Market) में भी निवेश करता है, जिससे इसमें कमाई के मौके ज्यादा होते हैं लेकिन थोड़ा जोखिम भी रहता है।
अब आप नीचे दी गए टेबल के जरिए तीनों स्कीम्क के फीचर्स के बारे में समझ सकते हैं:
| फीचर्स | EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) | PPF (लोक भविष्य निधि) | NPS (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) |
| मुख्य रूप से किसके लिए? | मुख्य रूप से नौकरीपेशा (Salaried) कर्मचारियों के लिए | भारत का कोई भी नागरिक (नौकरीपेशा, व्यवसायी या अन्य) | कोई भी योग्य भारतीय नागरिक |
| निवेश कौन करता है? | कर्मचारी और कंपनी दोनों मिलकर (बेसिक सैलरी का 12-12%) | व्यक्तिगत रूप से निवेशक खुद | व्यक्तिगत रूप से निवेशक खुद |
| न्यूनतम और अधिकतम निवेश | बेसिक सैलरी और डीए का 12% अनिवार्य | न्यूनतम 500 रुपये से लेकर अधिकतम 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष | टियर-1 के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये, कोई अधिकतम सीमा नहीं |
| रिटर्न का प्रकार | फिक्स और सरकार समर्थित | फिक्स और सरकार समर्थित (हर तिमाही समीक्षा) | बाजार आधारित (इक्विटी और डेट में निवेश, रिटर्न फिक्स नहीं) |
| लॉक-इन पीरियड / अवधि | रिटायरमेंट तक (नौकरी के दौरान कुछ विशेष जरूरतों पर निकासी संभव) | 15 साल (समय पूरा होने पर आगे बढ़ाया जा सकता है) | 60 साल की उम्र तक (समय से पहले निकासी के कड़े नियम हैं) |
| सुरक्षा और जोखिम | पूरी तरह सुरक्षित (सरकारी गारंटी) | पूरी तरह सुरक्षित (सरकारी गारंटी) | बाजार के उतार-चढ़ाव के अधीन (मार्केट रिस्क शामिल) |
कैलकुलेशन में कौन जीत रहा?
EPS के लिए कैलकुलेशन
- मंथली सैलरी: ₹30000
- मंथली सैलरी का कंट्रीब्यूशन: 12% (मतलब हर महीने ₹3600 पीएफ अकाउंट में जमा होंगे, साल के ₹43200 जमा होंगे)
- निवेश के साल: 30 साल
- फिलहाल मिलने वाला ब्याज:8.25%
- 30 सालों में कुल निवेश:₹12,96,000
- 30 साल बाद तैयार फंड: ₹1,48,94,112
PPF के लिए कैलकुलेशन
- सालभर का निवेश: ₹150000
- फिलहाल मिलने वाली ब्याज: 7.1%
- निवेश के साल: 25 साल
- 25 सालों में कुल निवेश: ₹37,50,000
- 25 सालों में तैयार फंड: ₹1,03,08,015
NPS के लिए कैलकुलेशन
- हर महीने का निवेश: ₹10000
- एवरेज रिटर्न : 9%
- निवेश के साल: 35 साल( अगर 25 साल में निवेश शुरू किया तो)
- 35 सालों में कुल निवेश: ₹42,00,000
- रिटायरमेंट पर तैयार फंड: ₹2,94,17,845
आपके लिए कौन सा विकल्प रहेगा बेहतर?
EPF चुनें अगर: आप एक सैलरीड कर्मचारी हैं और बिना किसी रिस्क के अपनी कंपनी के साथ मिलकर हर महीने ऑटोमैटिक रिटायरमेंट फंड तैयार करना चाहते हैं।
PPF चुनें अगर: आप पूरी तरह से सुरक्षित निवेश चाहते हैं, टैक्स बचाना चाहते हैं और इसके लिए आप नौकरीपेशा न होने के बावजूद 15 साल के लंबे समय तक पैसे लॉक रखने के लिए तैयार हैं।
NPS चुनें अगर: आप रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड बनाने के लिए शेयर बाजार जैसा थोड़ा जोखिम उठाने को तैयार हैं और लंबी अवधि में ज्यादा से ज्यादा रिटर्न पाना चाहते हैं।
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