8th Pay Commission: कब से बढ़ेगी सैलरी-पेंशन, मुंबई मीटिंग में होगा एलान? किन बातों पर होगी चर्चा
8th Pay Commission Mumbai Meeting: आठवें वेतन आयोग के गठन को लगभग एक साल पूरा होने वाला है, और आगामी ...और पढ़ें

आठवें वेतन आयोग: मुंबई बैठक में तय होगा कर्मचारियों का भविष्य, कितनी बढ़ेगी सैलरी और पेंशन

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग के गठन को जल्द ही एक साल होने वाला है। आयोग अब भी मीटिंग पर मीटिंग कर रहा है। आगामी 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में आयोग और हितधारकों की बड़ी और अहम मीटिंग होने जा रही है। जिसका मुख्य एजेंडा सैलरी, पेंशन, भत्तों में संशोधन और सबसे महत्वपूर्ण फिटमेंट फैक्टर (8th pay commission fitment factor) होगा। क्योंकि, कई संगठनों ने 2.57 से 4.00 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग की गई है। इस बीच देशभर के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच हलचल तेज हो गई है। आइए जानते हैं कि इस बार कर्मचारियों की नई सैलरी का गणित क्या हो सकता है।
क्या है कर्मचारियों की मांग?
सातवें वेतन आयोग में सरकार ने 2.57 गुना फिटमेंट फैक्टर लागू किया था। लेकिन इस बार कर्मचारी और पेंशनर संगठन इसे काफी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
- नेशनल काउंसिल ऑफ द कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM)- 3.833
- ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF)- 3.833
- ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉईज फेडर्शन (AINPSEF)- 3.833
- फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO)- 3.833
- भारत पेंशनर्स समाज (BPS)- 3.833
- प्रमुख ट्रेड यूनियन BPMS ने 4 और AITUC ने 3 फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है।
- रेलवे के संगठन (IRTSA) ने अलग-अलग लेवल के लिए 5 फिटमेंट फैक्टर (2.92, 3.50, 3.80, 4.09, 4.38) प्रस्तावित किए हैं।
क्या सरकार 3.833 फिटमेंट फैक्टर मानेगी?
कर्मचारी संगठन अपनी मांगें 1937 के डॉ. अक्रॉयड फॉर्मूले (Dr. Aykroyd formula) के आधार पर कर रहे हैं, जो न्यूनतम जरूरतों के हिसाब से सैलरी तय करने की वकालत करता है। लेकिन सरकार के लिए यह सिर्फ एक पहलू है। असल फैसला बजट को ध्यान में रखकर लिया जाता है।
सातवें वेतन आयोग के दौरान भी कर्मचारियों ने 3.71 की मांग की थी, लेकिन सरकार ने 2.57 को मंजूरी दी थी। इस बार जानकारों का अनुमान है कि सरकार आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2 से 2.50 के बीच रख सकती है।
विभिन्न फिटमेंट फैक्टर पर लेवल 1-5 की संभावित सैलरी
वर्तमान में सातवें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 और अधिकतम ₹2,50,000 है। नीचे दी गई लिस्ट में समझिए कि अलग-अलग प्रस्तावों के आधार पर लेवल 1 से 5 (Level 1-5) के कर्मचारियों की सैलरी कितनी हो सकती है:
सातवें वेतन आयोग के तहत मौजूदा बेसिक सैलरी
लेवल 1: ₹18,000
लेवल 2: ₹19,900
लेवल 3: ₹21,700
लेवल 4: ₹25,500
लेवल 5: ₹29,200
अनुमान 1: अगर फिटमेंट फैक्टर 2.62 रहा
लेवल 1: ₹47,160
लेवल 2: ₹52,138
लेवल 3: ₹56,854
लेवल 4: ₹66,810
लेवल 5: ₹76,504
अनुमान 2: अगर फिटमेंट फैक्टर 3 रहा
लेवल 1: ₹54,000
लेवल 2: ₹59,700
लेवल 3: ₹65,100
लेवल 4: ₹76,500
लेवल 5: ₹87,600
अनुमान 3: अगर 3.833 की मांग मान ली गई
लेवल 1: ₹68,994
लेवल 2: ₹76,277
लेवल 3: ₹83,176
लेवल 4: ₹97,742
लेवल 5: ₹1,11,924
आठवें वेतन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना आने में अभी कुछ समय लग सकता है, जिसके बाद ही नई सैलरी की असल तस्वीर साफ हो पाएगी। बता दें कि आठवें वेतन आयोग को 18 महीने में रिपोर्ट सौंपनी है। जिसके 12 महीने यानी एक साल पूरा होने वाला है। पिछले साल 3 नवंबर को आठवें वेतन आयोग का गठन हुआ था। यानी कर्मचारियों-पेंशनर्स की सैलरी-पेंशन बढ़ने में 8 से 10 महीने का समय लग सकता है।
