नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक का मर्जर खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है। तीनों सरकारी बैंकों के प्रस्तावित मर्जर (विलय) के खिलाफ बैंक यूनियन 26 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल करने जा रहे हैं। मोदी सरकार ने सितंबर महीने में इन तीनों सरकारी बैंकों के विलय की घोषणा की थी। हड़ताल का आयोजन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने किया है, जो कि 9 कर्मचारी और अधिकारी यूनियन का संगठन है।

26 दिसंबर के बाद अगले साल जनवरी में 8 और 9 तारीख को भी हड़ताल का आह्वान किया गया है।

ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉएज एसोसिएशन के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने कहा कि सरकार और तीनों बैंकों ने विलय की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, इसलिए हमने हड़ताल का आह्वान किया है।

नैशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स के वाइस प्रेसिडेंट अश्विनी राणा ने कहा कि यूएफबीयू के तहत आने वाले सभी यूनियन इस हड़ताल में शामिल होंगे। सरकार की मंजूरी के बाद तीनों बैंकों के बोर्ड ने विलय की मंजूरी दे दी है। विलय के बाद बनने वाला बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और एचडीएफसी के बाद तीसरा बड़ा बैंक होगा।

तीनों बैंकों में सबसे कमजोर हालत देना बैंक की है, जिसका एनपीए अनुपात 11.04 फीसद है और कुल कारोबार 1.72 लाख करोड़ रुपये का है। जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा का एनपीए अनुपात 5.4 फीसद है और कुल कारोबार 10.2 लाख करोड़ रुपये का है। वहीं विजया बैंक का एनपीए अनुपात 4.10 है जबकि कुल कारोबार 2 लाख करोड़ रुपये का है।

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