नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सहारा की एंबी वैली को नीलाम किए जाने की सरकार की कोशिश को तगड़ा झटका लगा है। सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नीलामी के लिए विज्ञापन दिए जाने के बाद भी सहारा की इस प्रॉपर्टी के लिए कोई खरीदार नहीं मिला।

सुनवाई के दौरान सहारा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दो कंपनियां मुंबई के वसई में मौजूद उसकी प्रॉपर्टी के लिए 1,000 करोड़ रुपये देने को तैयार है। इसके बाद कोर्ट ने सहारा की दलील को मानते हुए खरीद करने वाली कंपनी की तरफ से 99 करोड़ रुपये का चेक स्वीकार करते हुए उसे सेबी-सहारा के संयुक्त खाते में जमा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कंपनियों से 15 अगस्त तक 200 करोड़ रुपये और बाकी की 682 करोड़ रुपये की रकम 12 सितंबर तक जमा कराए जाने का आदेश दिया।

गौरतलब है कि इससे पहले कोर्ट ने सहारा की एंबी वैली परियोजना की नीलामी को जारी रखने का आदेश दिया था, क्योंकि समूह सेबी-सहारा रिफंड खाते में 750 करोड़ रुपये जमा कराने में नाकाम रही है।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस ए के सीकरी की पीठ ने यह आदेश आधिकारिक लिक्विडेटर द्वारा यह बताने पर दिया कि सहारा समूह ने रिफंड खाते में पैसे जमा नहीं कराए हैं। एंबी वैली संपत्ति 8,900 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसे टुकड़ों में बेचा जाएगा, क्योंकि पूरी संपत्ति का अभी तक कोई भी खरीदार नहीं मिला है।

Posted By: Surbhi Jain