नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। इन्फोसिस के सह-संस्थापक और चेयरमैन नंदन नीलेकणि, उनकी पत्नी रोहिणी नीलेकणि और भारतीय मूल के तीन अरबपति अपनी आधी संपत्ति दान कर देंगे। ये लोग बिल व मेलिंडा गेट्स और वॉरेन बफेट द्वारा शुरू की गई परोपकारी पहल से जुड़ेंगे।

इसके तहत अपनी संपत्ति का आधे से अधिक हिस्सा चैरिटी कार्यों के लिए देने को प्रोत्साहित किया जाता है। गिविंग प्लेज संस्था की ओर से बुधवार को बताया गया कि नीलेकणि, अनील व एलिसन भुसरी, शमशेर व शबीना वायालिल, बीआर शेट्टी और उनकी पत्नी चंद्रकुमारी रघुराम शेट्टी उन 14 परोपकारी लोगों में से हैं, जो पिछले सालभर में इसमें शामिल हुए हैं।

2010 में 40 अमेरिकी परोपकारियों के साथ इसकी शुरुआत की गई थी और अब यह 22 देशों के 183 लोगों तक पहुंच गया है। इसमें परोपकारियों की आयु 32 वर्ष से 94 वर्ष के बीच है। वैश्विक स्तर से 22 देशों के प्रतिनिधित्व इसमें हिस्सा लेते हैं जिनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजिल, कमाडा, चीन, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इजराइल, सऊदी अरब, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका जैसे देश शामिल हैं। अमेरिका में रहने वाले भुसरी बिजनेस सॉफ्टवेयर फर्म वर्कडे के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

अब इसके आठवे वर्ष में यह परोपकारी पहल का विस्तार वैश्विक स्तर बढ़ गया है। इनमें कनाडा, भारत, यूएई और अमेरिका से भी परोपकारी लोग जुड़े हैं। इस पहल की शुरुआत बिल, मेलिंडा गेट्स और बफेट ने की है। इसके लिए दुनिया भर से सबसे अमीर परोपकारियों को आमंत्रित किया जाता है ताकि वे अपने जीवनकाल में या वसियत में धर्माथ हेतु अपनी आधी से ज्यादा संपत्ति दान कर सकें। 

Posted By: Surbhi Jain