नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की चाल कमजोर और सुस्त रही। शुक्रवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स सुबह 20.45 अंकों की बढ़त के साथ 35,258.13 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.3 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 10,614.70 पर खुला। बाजार में दिन भर की ट्रेडिंग में उतार चढ़ाव रहा और आखिरकार सेंसेक्स 79.13 अंक टूटकर 35,158.55 पर बंद हुआ।

वहीं नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 13.20 अंकों की गिरावट के साथ 10,600 के नीचे 10,585.20 पर बंद हुआ। निफ्टी में 28 शेयर हरे निशान में जबकि 22 शेयर लाल निशान में बंद हुए।

सेंसेक्स में सबसे ज्यादा मजबूती यस बैंक, अडानी पोर्ट्स, मारुति, सन फार्मा और हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में रही। अन्य इंडेक्स के मुकाबले फार्मा इंडेक्स में तेजी का माहौल रहा।

गौरतलब है कि दीवाली के दिन हुई मुहुर्त ट्रेडिंग में सेंसेक्स में शानदार 250 से अधिक अंकों की उछाल आई थी।

अमेरिकी डॉलर में मजबूती यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा अपनी दो दिवसीय नीति बैठक में ब्याज दर को स्थिर रखने का फैसला किया जाने के बाद अमेरिकी डॉलर में अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले उछाल देखा गया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की खबर के मुताबिक, न्यूयॉर्क ट्रेडिंग में गुरुवार को यूरो बीते कारोबार में 1.1454 डॉलर के मुकाबले गिरकर 1.1356 डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, ब्रिटिश पाउंड बीते कारोबार में 1.3146 डॉलर के मुकाबले गिरकर 1.3049 डॉलर पर पहुंच गया।

आस्ट्रेलियाई डॉलर बीते कारोबार में 0.7285 डॉलर के मुकाबले गिरकर 0.7249 डॉलर पर पहुंच गया। फेडरल रिजर्व सिस्टम के बोर्ड ऑफ गवर्नर की बैठक में बाजार अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सर्वसम्मति से वोट किए जाने के बाद फेडरल रिजर्व ने गुरुवार को ब्याज दर स्थिर रखने की घोषणा की।

सरकार ने दी सफाई आरबीआई विवाद के बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि उसने कभी भी केंद्रीय बैंक से 3.6 लाख करोड़ रुपये की मांग नहीं की।

मीडिया में इस बारे में चल रही खबरों को खारिज करते हुए आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा, 'मीडिया में काफी गलत खबरें चल रही हैं। सरकार की राजकोषीय हालत बिलकुल दुरुस्त हैं और रिजर्व बैंक से 3.6 लाख करोड़ रुपये या एक लाख करोड़ रुपये मांगने का कोई प्रस्ताव ही नहीं रहा। यह सब महज अटकलें हैं।'

मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक केंद्र सरकार ने आरबीआई से उसके सुरक्षित कोष से 3.6 लाख करोड़ रुपये की राशि मांगी थी, जिसे बैंक ने देने से मना कर दिया था।

खबरों के मुताबिक सरकार और आरबीआई के बीच विवाद की यह बड़ी वजह थी।

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Posted By: Abhishek Parashar