नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क) दुनिया की सबसे बड़ी फूड एंड बेवरेज कंपनी पेप्सिको में बतौर सीईओ 12 साल गुजारने के बाद रिटायर हो रही इंदिरा नूई ने राजनीति में आने की संभावना से इंकार किया है और कहा है कि वह लंबे कैरियर में व्यस्त रहने के बाद अब वह परिवार पर ध्यान देंगी।

पेप्सिको ने सोमवार को बतौर सीईओ इंदिरा नूई के इस्तीफे की घोषणा की थी। कंपनी के निदेशक बोर्ड ने 54 वर्षीय रेमन लेगार्टा को नया सीईओ बनाने का फैसला किया। 62 वर्षीय नूई कंपनी के साथ 24 साल का कैरियर पूरा करने के बाद तीन अक्टूबर को सीईओ का पद त्याग देंगी। हालांकि वह 2019 के शुरू तक चेयरपर्सन बनी रहेंगी ताकि नए नेतृत्व को कामकाज संभालने में आसानी रहे।

नूई ने फार्च्यून को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि महिला सीईओ की नगण्य संख्या होने से वह चिंतित हैं। उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने अभी तय नहीं किया है कि वह आगे क्या करेंगी लेकिन यह तय है कि वह कोई पद नहीं लेना चाहेंगी। उन्होंने कहा कि वह राजनीति के लिए उपयुक्त नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि पेप्सिको छोड़ने के बाद वह अपने परिवार पर ज्यादा ध्यान देंगी। किसी कंपनी की सीईओ होने से सारा समय उसी पर खर्च हो जाता है। नूई ने कहा, अगर आप सीईओ हैं, खासकर इतनी बड़ी कंपनी की जिम्मेदारी है तो सिर्फ एक प्राथमिकता होती है, ‘वह सीईओ बने रहने की होती है। मेरा मानना है कि मेरे परिवार ने काफी कुछ खोया है। पिछले 24 वर्षो में पेप्सिको परिवार सबसे आगे रहा। अब समय आ गया है कि मैं अपने परिवार की खातिर प्राथमिकताएं बदलें।’ इंद्रा नूई का विवाह 1980 में एमसॉफ्ट सिस्टम्स के राज नुई के साथ हुआ था। उनक दो बेटियां हैं।

फार्च्यून की रिपोर्ट के अनुसार नूई के रिटायर होने की घोषणा से पहले एक साल में पेप्सिको के शेयर लगभग स्थिर रहे। उत्तरी अमेरिका में लगातार चार तिमाहियों में बेवरेज की बिक्री में गिरावट आई क्योंकि लोग वैकल्पिक डिंक अपनाने के इच्छुक दिखाई दे रहे हैं। हालांकि नूई ने पद त्यागने के फैसले का इससे कोई संबंध होने से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि पिछले साल जुलाई में लेगार्टा को प्रेसिडेंट बनाए जाने के बाद उन्होंने कंपनी छोड़ने की इच्छा जताई थी और बातचीत शुरू की थी।

Posted By: Nitesh