नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। वित्त वर्ष 2016-17 में ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट की बी2बी आर्म फ्लिपकार्ट इंडिया का घाटा कम हुआ है। इस दौरान कंपनी को 244.7 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी को 544.5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। नियमकीय दस्तावेजों के जरिए यह जानकारी सामने आई है।

फ्लिपकार्ट इंडिया- जिसके बैनर तले बैंगलुरू की कंपनी अपने कैश और कैरी ट्रेडिंग/होलसेल ट्रेडिंग बिजनेस का संचालन करती है के रेवेन्यू में 18 फीसद का उछाल आया है और इस उछाल के साथ वित्त वर्ष 2016-17 में 15,569.2 करोड़ रुपए रहा है जो कि इसके पिछले वित्त वर्ष के दौरान 13,177.4 करोड़ रुपए रहा था। कार्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री के पास जमा कराए गए दस्तावेजों के मुताबिक यह जानकारी सामने आई है। ई-कॉमर्स मार्केट में तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी को अमेरिका की दिग्गज कंपनी अमेजन से कड़ी टक्कर मिल रही थी और इसी वजह से फ्लिपकार्ट ने हाल ही में वॉलमार्ट को अपनी 77 फीसद हिस्सेदारी बेच दी है। यह डील 16 बिलियन डॉलर में हुई है।

वालमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदे के खिलाफ कानूनी कदम उठाएगा CAIT

व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने बुधवार को कहा कि हालिया वालमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदा मौजूदा कानूनों का उल्लंघन करता है और वह सौदे को कानूनी स्तर पर चुनौती देने का विचार कर रहा है। एक बयान में संगठन ने सरकार से इस सौदे की गंभीरता से जांच करने की गुजारिश की है। संगठन मानता है कि इस सौदे से रिटेल कारोबार और अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। कैट ने बयान में कहा कि उसके वकील इस मामले का गंभीरता से अध्ययन कर रहे हैं और बहुत जल्द संगठन उचित और सक्षम मंचों पर सौदे के खिलाफ कानूनी कदम उठाएगा।

By Surbhi Jain