नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। जापान और यूरोपीय संघ (ईयू) ने मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि यह संरक्षणवाद के खिलाफ स्पष्ट संदेश है। अमेरिका कारोबार के बीच प्रतिबंध लगा रहा है और ट्रेड वार छेड़ने की धमकी दे रहा है। टोक्यो में हुआ यह समझौता इस लिहाज से काफी अहमियत रखता है कि ईयू द्वारा किया गया यह सबसे बड़ा समझौता है। इससे विशाल फ्री ट्रेड जोन तैयार होगा जिसमें जापानी कारों से लेकर फ्रेंच चीज समेत हर वस्तु का कारोबार हो सकेगा। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक ‘अमेरिका फर्स्ट’ संरक्षणवादी अभियान का कड़ा प्रतिकार भी है। इसके तहत अमेरिका ने न सिर्फ विरोधी बल्कि सहयोगी देशों पर भी शुल्क लगाया है।

ईयू काउंसिल के प्रेसिडेंट डोनाल्ड टस्क ने समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि हम स्पष्ट संदेश भेज रहे हैं कि हम संरक्षणवाद के खिलाफ हैं। ईयू कमीशन के प्रमुख जीन-क्लॉड जुनकर ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देश मुक्त और पक्षपात रहित व्यापार के बारे में रुख स्पष्ट कर रहे हैं। हम एकजुट होकर काम करते हैं तो ज्यादा मजबूत होते हैं।

ईयू और जापान के बीच यह कारोबारी समझौता ट्रंप के उठाए गए कदमों के जवाब के दौर पर देखा जा रहा है। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबे ने समझौते के बाद कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आक्रामक बयानों, उच्च आयात शुल्क और ट्रेड वार की धमकियों से न सिर्फ अमेरिका के सहयोगियों को नाराज किया है बल्कि विरोधियों को भी भड़का दिया है। इस समझौते से प्रदर्शित होता है कि विश्व को नेतृत्व प्रदान करने के लिए ईयू और जापान में राजनीतिक इच्छाशक्ति है जब मुक्त व्यापार के पैरोकार देश आज संरक्षणवाद फैला रहे हैं।

Posted By: Surbhi Jain

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस