नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अमेरिका और चीन के बीच का संकट गहराता जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब चीन से होने वाले अरब डॉलर के आयात पर शुल्क लगाने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर चीन ने व्यापार के गलत तरीके नहीं छोड़े तो अमेरिका यह कदम उठाएगा। दूसरी ओर चीन ने इन कदमों को दबाव बनाने और ब्लैकमेल करने वाला बताया है। साथ ही, अमेरिका के खिलाफ ऐसे ही कदम उठाने की बात कही है।

ट्रंप ने पिछले हफ्ते चीन से होने वाले 50 अरब डॉलर के आयात पर 25 फीसद शुल्क लगाने का एलान किया था। इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिका से होने वाले आयात पर शुल्क बढ़ाने की बात कही है। इन घटनाक्रमों से दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ गई है। ट्रंप अपने चुनाव अभियान के समय से ही चीन पर द्विपक्षीय व्यापार में गलत तरीके से एकतरफा लाभ उठाने का आरोप लगाते रहे हैं। सरकार में आने पर आयात शुल्क के जरिये व्यापार घाटा संतुलित करने की बात भी उन्होंने कही थी।

ट्रंप ने एक दिन पहले बयान में कहा कि उन्होंने अमेरिका के ट्रेड रिप्रजेंटेटिव रॉबर्ट लाइथाइजर को चीन से आयात होने वाली वस्तुओं की दूसरी सूची तैयार करने को कहा है। इन पर 10 फीसद का शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप ने कहा, ‘अगर चीन फिर आयात शुल्क में बढ़ोतरी का कदम उठाता है तो हम अरब डॉलर की अन्य वस्तुओं पर शुल्क लगाकर इसे बराबर करेंगे। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को ज्यादा संतुलित होना चाहिए। हालांकि दुर्भाग्य से चीन ने तय किया है कि वह अमेरिका से होने वाले 50 अरब डॉलर के आयात पर शुल्क लगाएगा। अमेरिकी बौद्धिक संपदा और टेक्नोलॉजी के मामले में चीन अपने गलत कारोबारी तरीके बदलने की कोई इच्छा नहीं दिखा रहा है। अपने तरीकों को बदलने की बजाय चीन अमेरिकी कंपनियों, कर्मचारियों और किसानों को धमका रहा है, जिन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।’

वहीं, चीन ने कहा है कि अगर अमेरिका ने और शुल्क लगाया तो चीन भी वैसा ही कदम उठाएगा। अमेरिका का यह दबाव बनाने वाला और ब्लैकमेल करने वाला रवैया दोनों पक्षों के बीच बातचीत में बनी सहमति के खिलाफ है। इसने दुनिया को निराश किया है।

ट्रंप ने कहा कि चीन का हालिया कदम यह दर्शाता है कि वह अमेरिका के साथ कारोबार में गलत तरीके से फायदा उठाने की रणनीति बदलने को तैयार नहीं है। दोनों देशों के बीच व्यापार में 376 अरब डॉलर के असंतुलन से उसकी रणनीति साफ दिखती है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। चीन को अपना तरीका बदलने और अमेरिकी वस्तुओं के लिए बाजार खोलने के लिए प्रोत्साहित करने को और कदम उठाए जाएंगे। रॉबर्ट लाइथाइजर ने भी ट्रंप के कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने तरीके बदलने की जगह पर चीन आयात शुल्क बढ़ाने का कदम उठा रहा है।

चीन की जेडटीई पर पुन: प्रतिबंध

अमेरिकी सीनेट ने चीन की टेलीकॉम कंपनी जेडटीई पर पुन: प्रतिबंध लगाने के पक्ष में वोट किया है। ईरान और उत्तर कोरिया में अवैध बिक्री को लेकर कंपनी के दावे झूठे पाए जाने के बाद अमेरिका ने जेडटीई पर प्रतिबंध लगा दिया था। पिछले महीने ट्रंप प्रशासन ने कुछ शर्तो के साथ प्रतिबंध में ढील दी थी, लेकिन सीनेट ने पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में फैसला दिया। प्रतिबंध के तहत सरकार चीन की दो कंपनियों जेडटीई और हुआवेई से किसी तरह की वस्तु या सेवा की खरीद नहीं करेगी।

Posted By: Surbhi Jain

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