नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अधिकांश एशियाई बाजारों में दिख रही गिरावट भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छा संकेत नहीं है। कंपनियों के तिमाही नतीजों का दौर लगभग बीत चुका है। हफ्ते के पहले कारोबारी सत्र में शेयर बाजार की नजर अब रुपये की चाल और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी। बीते हफ्ते बीएसई का सेंसेक्स 76.57 अंक की बढ़त लेने में सफल रहा था। एनएसई के निफ्टी में 8.75 अंक की मामूली तेजी आई थी।

एशियाई बाजारों का हाल: अगर एशियाई बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई 0.07 फीसद की गिरावट के साथ 22434 पर और चीन का शंघाई 0.51 फीसद की गिरावट के साथ 3122.24 पर कारोबार करता देखा जा रहा है। हालांकि चीन का हैंगशेंग 0.21 फीसद की तेजी के साथ 30667 पर और ताइवान का कोस्पी 0.61 फीसद की बढ़त के साथ 2475.92 पर कारोबार करता देखा गया।

वहीं अगर अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो बीते दिन डाओ जोंस 0.24 फीसद की गिरावट के साथ 24753 पर और स्टैंडर्ड एंड पुअर्स 0.24 फीसद की गिरावट के साथ 2721 पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 0.13 फीसद की तेजी के साथ 7433 पर कारोबार कर बंद हुआ है।

विशेषज्ञों का नजरिया: जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ‘बीती तिमाही में कंपनियों के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। इससे चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमान भी कमजोर पड़ेगा। आने वाले दिनों में बांड यील्ड, महंगाई, रुपये में गिरावट और चालू खाता घाटे के आंकड़ों से बाजार पर असर पड़ेगा।’ गुरुवार को मई के वायदा सौदों का निपटान होना है। इससे भी बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के आंकड़े भी बाजार की चाल को प्रभावित करेंगे।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वी. के. शर्मा ने कहा कि निफ्टी पिछले कुछ समय से कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और मजबूत होते डॉलर की वजह से दबाव में है। पिछले कुछ हफ्तों में डॉलर की तुलना में रुपये में तेज गिरावट आई है। बीते हफ्ते डॉलर के मुकाबले रुपया 18 महीने के निचले स्तर तक चला गया था। हालांकि शुक्रवार को 56 पैसे के सुधार के साथ रुपया 67.79 प्रति डॉलर के स्तर पर रहा। शुक्रवार को वाहन बिक्री के मासिक आंकड़े भी जारी होने हैं। इससे ऑटो शेयर फोकस में बने रहेंगे। विनिर्माण क्षेत्र के पीएमआइ डाटा से भी बाजार धारणा पर असर पड़ सकता है।

शीर्ष 10 में से पांच कंपनियों का एम-कैप बढ़ा: देश की शीर्ष 10 कंपनियों में से पांच के बाजार पूंजीकरण (बाजार पूंजीकरण) में बीते हफ्ते 53,132.67 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे ज्यादा इजाफा एसबीआइ के एम-कैप में हुआ। एसबीआइ का बाजार मूल्यांकन 24,810.49 करोड़ रुपये बढ़कर 2,38,286.49 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। टीसीएस का एम-कैप 16,673.45 करोड़ रुपये बढ़कर 6,87,123.96 करोड़ रुपये रहा। शुक्रवार को टीसीएस के बाजार मूल्यांकन ने सात लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा छू लिया था। इन्फोसिस, मारुति सुजुकी और कोटक महिंद्रा बैंक के एम-कैप में भी वृद्धि हुई।

विदेशी निवेशकों ने निकाले 26,769 करोड़ रुपये: भारतीय पूंजी बाजार से पैसा निकालने का विदेशी निवेशकों का क्रम जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे हैं। मई में अब तक (दो से 25 मई तक) विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआइ) ने भारतीय पूंजी बाजार से कुल 26,769 करोड़ रुपये निकाले। इसमें से इक्विटी बाजार से 7,819 करोड़ रुपये और डेट बाजार से 18,950 करोड़ रुपये निकाले गए। इससे पहले अप्रैल में एफपीआइ ने भारतीय पूंजी बाजार से कुल 15,500 करोड़ रुपये की निकासी की थी।

Posted By: Praveen Dwivedi