नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क) आइसीआइसीआइ बैंक के चेयरमैन जीसी चतुर्वेदी ने कहा कि बैंक की सीईओ चंदा कोचर के भविष्य पर फैसला श्रीकृष्ण समिति की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति बीएन श्रीकृष्ण के नेतृत्व वाली समिति की रिपोर्ट अगले दो-ढाई महीने में मिल जाने की उम्मीद है। यह समिति आइसीआइसीआइ बैंक द्वारा वीडियोकॉन ग्रुप समेत कुछ कंपनियों को दिए लोन में कोचर पर भाई-भतीजावाद और लाभ के बदले लाभ के आरोपों की जांच कर रही है।

हालांकि, चतुर्वेदी ने कहा कि रिपोर्ट लंबित रहने तक कोचर आइसीआइसीआइ बैंक की सीईओ बनी रहेंगी। हालांकि, हितों के टकराव के आरोपों के चलते कोचर इस वक्त अनिश्चितकालीन अवकाश पर हैं।

रिजर्व बैंक के नियमों से हुआ घाटा
चालू वित्त वषर्ष की पहली तिमाही में आइसीआइसीआइ बैंक को हुए नुकसान के बारे में चतुर्वेदी ने कहा कि आरबीआइ के नियमों की वजह से ऐसा हुआ है। रिजर्व बैंक को कर्ज लौटाने में एक दिन भी की देरी की हालत में नियामकों को सूचना देने के नियम पर पुनर्विचार करना चाहिए।

कोचर ने की आइसीआइसीआइ सिक्युरिटीज बोर्ड में रखने की गुजारिश
चंदा कोचर ने आइसीआइसीआइ सिक्युरिटीज के बोर्ड में उन्हें दोबारा चुन लिए जाने की गुजारिश की है। आइसीआइसीआइ सिक्युरिटीज की वित्त वर्ष 2017-18 की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि बोर्ड की सालाना आमसभा (एजीएम) 30 अगस्त को प्रस्तावित है। उस बैठक में रोटेशन के आधार पर कोचर सेवानिवृत्त हो जाएंगी। रिपोर्ट के मुताबिक कोचर ने गुजारिश की है कि उन्हें बोर्ड में दोबारा चुन लिया जाए।

 

Posted By: Nitesh