सच में स्मॉल कैप में मिलता है सबसे ज्यादा रिटर्न? पराग पारिख के फंड मैनेजर ने आंकड़ों से समझाया गणित
स्मॉल कैप में उच्च रिटर्न की उम्मीद के विपरीत, आंकड़े बताते हैं कि इनमें मीडियन रिटर्न कम और उतार-चढ़ाव बहुत ...और पढ़ें

सच में स्मॉल कैप में मिलता है सबसे ज्यादा रिटर्न? पराग पारिख के फंड मैनेजर ने आंकड़ों से समझाया गणित
HighLights
स्मॉल कैप में मीडियन रिटर्न कम, पर उतार-चढ़ाव बेहद अधिक।
वर्तमान में स्मॉल कैप का वैल्यूएशन 5 साल के औसत से 21% ऊपर।
लार्ज कैप से नींव, मिड कैप से संतुलन, स्मॉल कैप में धैर्यपूर्ण SIP।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। ज्यादातर निवेशकों से पूछिए कि वे स्मॉल कैप में पैसा क्यों लगाते हैं, तो जवाब होगा: ज्यादा रिटर्न के लिए। आंकड़े इससे थोड़ी अलग और बारीक तस्वीर दिखाते हैं। 2005 से एक साल की हर होल्डिंग अवधि को देखें तो निफ्टी स्मॉलकैप 250 का मीडियन रिटर्न करीब 10% रहा। यह निफ्टी 50 के 12% और निफ्टी मिडकैप 150 के 14% से कम है। स्मॉल कैप ने आम सालों में बेहतर रिटर्न नहीं दिया। उनमें फर्क यह रहा कि अच्छे और बुरे साल के नतीजों के बीच फासला बहुत बड़ा रहा। सबसे अच्छे साल में उनका रिटर्न +175% रहा और सबसे खराब साल में -69%।
भारत के अलग-अलग मार्केट-कैप सेगमेंट के बीच मुख्य ट्रेड-ऑफ इसी में है। लार्ज, मिड और स्मॉल कैप के औसत रिटर्न में उतना फर्क नहीं है, जितना उस रिटर्न तक पहुंचने के रास्ते में है। मुनाफे के हर रुपये के लिए आप कितनी कीमत चुकाते हैं, वह मुनाफा कितना अनुमान के मुताबिक रहता है और जरूरत पड़ने पर आप कितनी आसानी से निकल सकते हैं, अंतर इन्हीं बातों में है।
रिस्क और रिटर्न
कई लोग मानते हैं कि छोटी कंपनियां ज्यादा जोखिम के बदले ज्यादा रिटर्न देती हैं। इतिहास इस बात के दूसरे हिस्से की पुष्टि पहले हिस्से से कहीं पक्के तौर पर करता है।
| श्रेणी / इंडेक्स | सबसे खराब रिटर्न (Worst) | मीडियन रिटर्न (Median) | सबसे अच्छा रिटर्न (Best) |
| लार्ज कैप (निफ्टी 50, 1999 से) | -55% | 12.30% | 1.09 |
| मिड कैप (निफ्टी मिडकैप 150, 2005 से) | -67% | 14.00% | 1.69 |
| स्मॉल कैप (निफ्टी स्मॉलकैप 250, 2005 से) | -69% | 10.20% | 1.75 |
स्रोत: इंडेक्सपीई, एनएसई टोटल रिटर्न इंडेक्स डेटा के आधार पर। निफ्टी 50 का डेटा 1999 से है, जबकि मिडकैप 150 और स्मॉलकैप 250 का डेटा 2005 से है।
तीनों के मीडियन रिटर्न एक-दूसरे से चार प्रतिशत अंक के दायरे में हैं। पर दोनों छोर पर तस्वीर बिल्कुल अलग है। स्मॉल कैप अपने सबसे अच्छे साल में दोगुने से भी ऊपर निकल गए और सबसे खराब साल में दो-तिहाई से ज्यादा पूंजी गंवा बैठे। इसके मुकाबले लार्ज कैप का सबसे खराब साल -55% का रहा। इसलिए स्मॉल कैप निवेशक को इस सेगमेंट का आम रिटर्न मिलने का कुछ हद तक भरोसा तभी हो सकता है, जब वह लंबे समय तक निवेश बनाए रखे और उतार-चढ़ाव झेलने की ज्यादा क्षमता रखे।
हाल के वर्षों ने यह तस्वीर कुछ बदली है। अगस्त 2026 तक के पांच वर्षों में मिडकैप 150 ने सालाना करीब 17.8% और स्मॉलकैप 250 ने करीब 16.6% रिटर्न दिया। वहीं सितंबर तक के पांच वर्षों में निफ्टी 50 का रिटर्न सालाना लगभग 6.4% रहा। बेहतर प्रदर्शन का यह दौर एक बड़ी वजह है कि आज मिड और स्मॉल कैप का वैल्यूएशन अपेक्षाकृत ऊंचा है। इसी दौर के चलते ये सेगमेंट अपने लंबे इतिहास के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित भी दिख सकते हैं।
कैसी रही स्मॉल कैप की वैल्यूएशन?
छोटी कंपनियां अमूमन बड़ी कंपनियों से ऊंचे प्राइस-टू-अर्निंग्स (पी/ई) मल्टीपल पर ट्रेड करती हैं, क्योंकि निवेशकों को उनसे तेज ग्रोथ की उम्मीद होती है। ऐसा प्रीमियम आम बात है। देखने वाली बात यह है कि क्या आज का प्रीमियम सामान्य से काफी बड़ा है। फिलहाल ऐसा ही है।
| इंडेक्स (एम्फी सेगमेंट का प्रतिनिधि) | ट्रेलिंग पी/ई | 5 साल का मीडियन पी/ई | अपने मीडियन से तुलना | अर्निंग्स यील्ड |
| निफ्टी 50 (लार्ज कैप) | 19.1 गुना 19.1x | 22.0 गुना | 13% नीचे | 5.20% |
| निफ्टी मिडकैप 150 (मिड कैप) | 28.1 गुना | 29.9 गुना | 6% नीचे | 3.50% |
| निफ्टी स्मॉलकैप 250 (स्मॉल कैप) | 34.4 गुना | 28.3 गुना | 21% ऊपर | 2.90% |
स्रोत: screener.in (12 अक्टूबर 2026 के आंकड़े)
अब निवेशक क्या करें?
1. पोर्टफोलियो की नींव लार्ज कैप से बनाएं। इनमें सबसे गहरी लिक्विडिटी होती है, इनकी कमाई का अनुमान सबसे भरोसे से लगाया जा सकता है और आज अपने इतिहास के हिसाब से इनका वैल्यूएशन सबसे आकर्षक है। ज्यादातर निवेशकों के लिए ये पोर्टफोलियो का आधार होने चाहिए।
2. संतुलन के साथ ग्रोथ के लिए मिड कैप का इस्तेमाल करें। मिड कैप में मुनाफे की तेज बढ़त, सामान्य स्तर के आसपास वैल्यूएशन और ज्यादातर निवेशकों की जरूरत भर की लिक्विडिटी, ये तीनों बातें एक साथ मिलती हैं। ऐतिहासिक रूप से इन तीन सेगमेंट में इनका मीडियन रिटर्न सबसे अच्छा रहा है।
3. स्मॉल कैप में कितना पैसा लगाना है, यह उम्मीदों के बजाय अपने धैर्य के हिसाब से तय करें। इस सेगमेंट का मीडियन साल लार्ज कैप से बेहतर नहीं रहा और इसके सबसे खराब वर्षों में दो-तिहाई पूंजी डूब गई। स्मॉल कैप उन निवेशकों को फायदा देते हैं जो सात साल या उससे ज्यादा समय तक टिके रह सकें, अपनी खरीदारी टुकड़ों में बांट सकें और घबराहट में बिकवाली से बच सकें। आज के ऊंचे वैल्यूएशन प्रीमियम को देखते हुए एकमुश्त रकम लगाने के बजाय एसआईपी के जरिए किस्तों में निवेश करना ज्यादा समझदारी है।
4. सेगमेंट के साथ फंड को भी परखें। स्मॉल और मिड कैप में किसी फंड के रिटर्न के साथ उसका एम्फी स्ट्रेस-टेस्ट नतीजा और उसका आकार भी देखें। बाजार पलटने पर छोटे आकार का या मिड कैप की ओर ज्यादा झुका स्मॉल कैप फंड कहीं जल्दी बाहर निकल सकता है।
स्रोत: एक्सचेंज, मार्केट डेटा और पीपीएफएएस रिसर्च
लेखक: श्री राज मेहता, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और फंड मैनेजर - इक्विटी, पीपीएफएएस एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड
Disclaimer: म्यूचुअल फंड के बारे में यहां दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। ये लेखक के अपने विचार हैं। कहीं भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
