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कपड़े, लेदर और प्लास्टिक सामानों की दुकान खोलने वाले यहां से उठाएं माल! बल्क में खरीदारी के लिए आते हैं देशभर के व्यापारी

Published: Wed, 09 Sep 2026 08:04 PM (IST)

यह लेख भारत के उन प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के बारे में बताता है जहाँ से कपड़े, चमड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्लास्टिक ...और पढ़ें

देश के फेमस शहर जहां बनते हैं जरूरी सामान

देश के फेमस शहर जहां बनते हैं जरूरी सामान

HighLights

  1. कपड़ों के लिए सूरत, तिरुपुर, लुधियाना और पानीपत प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब।

  2. चमड़ा और जूते कानपुर, आगरा, अंबूर से थोक में मिलते हैं।

  3. इलेक्ट्रॉनिक और प्लास्टिक सामानों के भी बड़े औद्योगिक केंद्र।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत में कई ऐसे बाजार हैं जहां थोक ही नहीं बल्कि रिटेल में भी कपड़े, फुटवियर, और इलेक्टॉनिक कंपोनेंट्स बहुत ही सस्ती कीमतों में मिल जाते हैं। पिछले दिनों हमने आपको देश के ऐसे कई बाजारों के बारे में बताया था जहां से आप ₹100-₹200 में अच्छे कपड़े ले सकते हैं। लेकिन सवाल ये है कि इन बाजारों में सस्ते आयटम्स आते कहां से हैं? आज आपको देश के ऐसे मैन्युफैक्चरिंग हब के बारे में बताते हैं, जहां से आप भी बेहद कम दामों में सामान खरीद सकते हैं।

कहां बनते हैं देश में कपड़े?

कपड़ों से शुरु करते हैं। भारत का टेक्सटाइल सेक्टर एग्री के बाद सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। आंकड़े बताते हैं कि टेक्सटाइल से देश के करीब 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार मिलता है। देश के प्रसिद्ध कपड़ा उद्योगों की बात करें तो साड़ियों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए सूरत, शर्ट्स-पैंट्स और अन्य मेंस वियर के लिए तिरुपुर, तमिलनाडु, ऊनी कपड़ों के लिए लुधियाना और और सर्दी के मोटे कपड़ों के लिए हरियाणा का पानीपत प्रसिद्ध है।

लेदर और जूतों का मैन्युफैक्चरिंग हब

लेदर उत्पादन की बात करें तो उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर प्रसिद्ध है। यहां 350 से अधिक बड़ी टेनरियां (चमड़ा पकाने के कारखाने) हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कानपुर रीजन से ₹7,000 करोड़ के लेदर का एक्सपोर्ट हुआ। इसके अलावा जूते और चप्पलों को बनाने के लिए यूपी का आगरा प्रसिद्ध है। यहां से देशभर में फुटवियर्स की सप्लाई होती है। इसके अलावा तमिलनाडु के अंबूर और रानीपेट भी लेदर के प्रोडक्ट्स के लिए मशहूर हैं।

इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट

देश में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट भी खूब सस्ते में मिलता है। दिल्ली-मुंबई जैसे कई बड़े शहरों के लोकल मार्केट, रेलवे स्टेशन और सिंग्लन में मोबाइल एक्सेसरीज (जैसे कवर, टेम्पर्ड ग्लास), चिप्स, एलईडी लाइट्स और कंप्यूटर के पार्ट्स आसानी से मि जाएंगे। बता दें कि ये चीजें देश में मैन्युफैक्चर नहीं होती हैं बल्कि चीन, ताइवान और वियतनाम जैसे देशों से थोक में इंपोर्ट होती हैं, इसके बाद बवाना, बहादुरगढ़ और ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में कई ऐसे असेंबलिंग यूनिट्स हैं जहां लोकल इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को असेंबल (जोड़ा) किया जाता है।

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प्लास्टिक के सामान

भारत में प्लास्टिक के सामान जैसे घरेलू बर्तन, टिफिन, बाल्टियां, खिलौने, पैकेजिंग और इंडस्ट्रियल सामान मुख्य रूप से कुछ बड़े राज्यों और उनके विशेष औद्योगिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चर होते हैं। इनमें से ज्यादातर गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत में तैयार होते हैं, वहीं वापी और अंकलेश्वर में प्लास्टिक दाने (Granules) और इंडस्ट्रियल प्लास्टिक कंपोनेंट्स के लिए मशहूर है। अन्य शहरों की बात करें तो मुंबई और ठाणे के वसई, पालघर जैसे इलाके, प्लास्टिक की पाइप के लिए जलगांव, और खिलौनों के लिए दिल्ली के बवाना, नरेला और मायापुरी जैसे इलाके प्रसिद्ध हैं।