कपास से इंपोर्ट ड्यूटी हटी, भारतीय कपास की मांग और कीमत घटी! विदेशों में ऑर्डर लगा रहे मिल मालिक
केंद्र सरकार ने विदेशी कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी हटा दी है, जिससे कपड़ा उद्योग को फायदा हुआ है, लेकिन भारतीय ...और पढ़ें
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कपास से इंपोर्ट ड्यूटी हटने के बाद घरेलू कीमतें कम हुईं
HighLights
विदेशी कपास पर केंद्र सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी हटाई।
भारतीय कपास की मांग और घरेलू कीमतें कम हुईं।
कपड़ा उद्योग को फायदा, किसानों को नुकसान की आशंका।
नई दिल्ली| केंद्र सरकार ने हाल ही में विदेशी कपास पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को हटा दिया है। इससे टेक्सटाइल और गारमेंट इंडस्ट्री पर बढ़ रहे दबाव को कम करने में मदद मिली। एक तरफ जहां कपड़ा उद्योग के लिए ये फैसला फायदेमंद रहा तो वहीं दूसरी ओर भारतीय कपास के दाम कम होने लगे।
कितनी कम हुई कपास की कीमत?
कपास से आयात शुल्क हटाने की के बाद घरेलू बाजार में कपास की कीमतें और गिर गईं। मिल मालिक अब विदेश से सस्ता कपास मंगाने लगे हैं। सोमवार को कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) ने अपनी नई फसल की कपास की कीमत 700 रुपये प्रति गांठ घटा दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिर्फ 700 गांठ खरीदने की मांग आई, जो मुख्य रूप से मिल मालिकों की ओर से की गई थी।
विदेशी बाजारों में क्या है कीमत?
कपास के अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में नजर डालें तो, सोमवार को ICE पर कपास के वायदा भाव में 1.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और दाम लगभग 77.44 सेंट प्रति पाउंड पर रहा। इससे पहले फरवरी की शुरुआत से ICE वायदा में 47 फीसदी की तेजी देखी गई थी और 11 मई को यह 88 सेंट प्रति पाउंड तक पहुंच गया था, लेकिन हाल के दिनों में इसमें गिरावट देखी गई है।
भारतीय किसानों का क्या होगा?
सरकार ने विदेशों से आने वाले कपास पर लगने वाले 11 प्रतिशत आयात शुल्क को हटा दिया है। सरकार ने जानकारी दी थी कि ये फैसला अस्थाई है, जो 1 जून से 31 अक्टूबर तक लागू रहेगा। सरकार ने ये भी कहा था कि इस फैसले से भारतीय किसानों के हितों का ध्यान रखा गया है। यही कारण है कि आयात शुल्क खरीफ की नई फसल आने तक के लिए ही हटाया गया है। हालांकि सरकार के इस फैसले के बाद घरेलू कीमतों में कमी आई है।
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किसे होगा फायदा?
कपास से इंपोर्ट ड्यूटी हटाने के बाद टेक्सटाइल और गारमेंट इंडस्ट्री को फायदा होगा। इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों ने मांग की थी कि इंपोर्ट ड्यूटी लगाए जाने से कच्चा माल महंगा मिल रहा है, जिससे कपड़ा उद्योग दबाव में है। सरकार के अस्थाई ड्यूटी हटाने के फैसले से कपड़ा उद्योग को फायदा मिलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक कपड़ा उद्योग से 4.5 करोड़ लोगों का रोजगार है।
