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Google की अनोखी AI पहल! छोटे कारोबारियों को लोन, किसानों और टीचर्स तक पहुंचेगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

Published: Sun, 18 Oct 2026 03:08 PM (IST)Updated: Sun, 18 Oct 2026 03:09 PM (IST)

गूगल ने भारत में छोटे कारोबारियों, किसानों और शिक्षकों के लिए नई AI पहलें शुरू की हैं। इन पहलों के ...और पढ़ें

Google AI का नया प्लान (AI image)

Google AI का नया प्लान (AI image)

HighLights

  1. MSME को कर्ज और बाजार पहुंच के लिए $1.5 करोड़ की मदद।

  2. किसानों को फसल और मौसम की जानकारी AI से मिलेगी।

  3. 80,000 से अधिक शिक्षकों को AI उपकरणों की ट्रेनिंग।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत में छोटे कारोबारों को कर्ज दिलाने, किसानों को खेती से जुड़ी सलाह देने और एग्री एक्सपर्ट्स का काम आसान बनाने के लिए Google ने AI आधारित नई पहलों का एलान किया है। कंपनी इन योजनाओं के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल आम लोगों और छोटे कारोबारों की जरूरतों के हिसाब से बढ़ाना चाहती है। इसके तहत Google.org भारत के MSME सेक्टर के लिए काम करने वाली संस्था The/Nudge को 1.5 करोड़ डॉलर यानी 15 मिलियन डॉलर देगा।

MSME को कर्ज और मार्केट एक्सेस में मिलेगी मदद

भारत में 9 करोड़ से ज्यादा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) हैं। इनसे 34.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है। हालांकि, छोटे कारोबारों को कर्ज लेने, नए बाजारों तक पहुंचने और सरकारी नियमों का पालन करने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

Google.org की ओर से The/Nudge को दी जाने वाली 1.5 करोड़ डॉलर की मदद से ऐसे AI टूल विकसित किए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल बड़े स्तर पर किया जा सके। इनकी मदद से छोटे कारोबारों के लिए औपचारिक कर्ज हासिल करना, नए ग्राहक और बाजार तलाशना और जरूरी नियमों का पालन करना आसान बनाने की कोशिश होगी।

इस कार्यक्रम के तहत नए समाधान तैयार करने के लिए प्रस्ताव भी मांगे जाएंगे। इसके अलावा कई भाषाओं में काम करने वाला और वॉइस के जरिए इस्तेमाल किया जा सकने वाला एक प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य छोटे शहरों के युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी स्किल सिखाना और उन्हें छोटे कारोबारों से जोड़ना है।

किसानों को फसल और मौसम की जानकारी देगा AI

Google खेती में भी AI का इस्तेमाल बढ़ाने पर काम कर रहा है। कंपनी ने कृषि से जुड़ी जानकारी देने वाले अपने एग्रीकल्चरल अंडरस्टैंडिंग मॉडल को भारत की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया है। अब इन मॉडलों का इस्तेमाल भारत के अलावा 11 अन्य देशों में भी किया जा रहा है।

गुजरात में एमनेक्स (Amnex) ने Google के कृषि मॉडल के API को राज्य सरकार के कृषि प्रगति क्रॉप इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से जोड़ा है। कंपनी के मुताबिक, पिछले एक साल में इस व्यवस्था के जरिए 6 लाख से ज्यादा किसानों को 90 करोड़ से अधिक SMS सलाह भेजी गई हैं।

इन मैसेजेस में फसल और मिट्टी की सेहत, कीटों और बीमारियों से बचाव और मौसम के रुझानों से जुड़ी जानकारी दी जाती है। कंपनी का कहना है कि इस व्यवस्था से 1.4 करोड़ हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर खेती से जुड़े फैसले लेने में मदद मिल रही है। इसका उद्देश्य फसल की पैदावार बढ़ाने और किसानों की आमदनी को बेहतर तरीके से संभालने में सहायता करना है।

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इसके अलावा, एकस्टेप फाउंडेशन की अगुवाई वाले वैश्विक गठबंधन ओपनएग्रीनेट (OpenAgriNet) ने भी अपने कृषि विश्लेषण डैशबोर्ड में Google के API जोड़े हैं। इसका उद्देश्य खेती से जुड़ी बिखरी हुई जानकारी को एक जगह उपलब्ध कराना और किसानों को उनकी अपनी भाषा में उपयोगी जानकारी देना है।

Google अब अपने कृषि AI मॉडल को पब्लिक प्रीव्यू में उपलब्ध करा रहा है। इससे डेवलपर्स, स्टार्टअप और शोधकर्ता इन मॉडलों का इस्तेमाल करके स्थानीय जरूरतों के मुताबिक कृषि समाधान तैयार कर सकेंगे।

टीचर्स को AI की ट्रेनिंग दे रहा Google

Google का कहना है कि AI की मदद से शिक्षकों और एक्सपर्ट्स का रोजमर्रा का काम आसान किया जा सकता है, ताकि वे विद्यार्थियों को पढ़ाने और उनका मार्गदर्शन करने के लिए ज्यादा समय दे सकें। इसी उद्देश्य से कंपनी ने इस साल मई में भारत में Google AI Educator Series शुरू की थी। इस कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को Gemini और Gemini Notebook जैसे AI टूल का इस्तेमाल करना सिखाया जाता है। इनकी मदद से शिक्षक पढ़ाई की योजना बना सकते हैं, विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार अध्ययन सामग्री तैयार कर सकते हैं और रोजाना की तैयारी में लगने वाला समय बचा सकते हैं।

कंपनी के मुताबिक, मई से अब तक देशभर में 80,000 से ज्यादा शिक्षकों को इस कार्यक्रम के तहत ट्रेनिंग दी जा चुकी है। अब Google बिहार, मध्य प्रदेश, सिक्किम और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के साथ साझेदारी करके इस कार्यक्रम का विस्तार करेगा।

इसके अलावा Google, IIT बॉम्बे और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय जैसे संस्थानों के साथ भी काम कर रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में AI से जुड़ी रिसर्च को स्कूलों और कॉलेजों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना है।

AI को आम लोगों की जरूरतों से जोड़ने पर जोर

Google की इन पहलों का मुख्य उद्देश्य AI तकनीक को प्रयोगशालाओं और शोध तक सीमित रखने के बजाय खेती, शिक्षा और छोटे कारोबारों में इस्तेमाल बढ़ाना है। कंपनी सरकारी संस्थानों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले संगठनों के साथ साझेदारी के जरिए इन समाधानों को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहती है।