अपने वित्तीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए इंतजार करने की कोई वजह नहीं है। न ही इसके लिए कुछ असाधारण करना जरूरी है। करना सिर्फ इतना है कि एक खास संख्या पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी बचत को इस तरह बढ़ाएं जिससे इस नंबर तक पहुंचना आसान हो जाए।

शुरुआत के तौर पर एक ऐसे लक्ष्य पर नजर गड़ाएं जिसे आप प्राप्त करना चाहते हों, मसलन बच्चे की शिक्षा अथवा घर की खरीद। एक संख्या देकर किसी भी लक्ष्य को आसानी से पाया जा सकता है। हम सबके लक्ष्य और सपने होते हैं। भले ही उन्हें प्राप्त करना कठिन हो। कई मर्तबा ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारा लक्ष्य ठीक से

निर्धारित नहीं होता। इसी तरह कभी-कभी इसकी वजह यह होती है कि हमने इसके लिए पहले से ही कोई संख्या तय नहीं की होती है।

इसलिए आप एक ऐसे वित्तीय लक्ष्य से शुरुआत करें जो आपकी आमदनी का दस गुना हो। उदाहरण के लिए यदि आपकी आय 10 लाख है तो कम से कम एक करोड़ रुपये का लक्ष्य रख सकते हैं। आपका अगला कदम सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआइपी) के जरिये इस आंकड़े को छोटे व व्यावहारिक टुकड़ों में बांटने का

होना चाहिए।

आप जानते ही हैं कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए बचत एवं निवेश करने का एसआइपी शानदार माध्यम हैं। लेकिन यदि आप अपने लक्ष्य को जल्दी पाना चाहते हैं तो फिर एसआइपी में नियमित बढ़ोतरी यानी टॉप अप का तरीका अपनाएं। आप हर साल या छह महीने के अंतराल पर टॉप अप कर सकते हैं। इसके लिए निश्चित राशि अथवा प्रतिशत का इस्तेमाल किया जा सकता है। मसलन, 500 रुपये महीना अथवा 10 प्रतिशत सालाना। कोई भी निवेशक जिसे अपना लक्ष्य तेजी से प्राप्त करना हो, टॉप अप के इस तरीके का इस्तेमाल कर सकता है।

अब आपको बताते हैं कि एसआइपी किस तरह आपकी राशि को तेजी से बढ़ाता है।

नियमित एसआइपी में यदि आप हर महीने 5,000 रुपये का निवेश करते हैं तो 10 वर्षों में 12 फीसद की सालाना दर के हिसाब से आपका पैसा बढ़कर 11,79,275 रुपये हो जा जाता है। लेकिन एसआइपी में टॉप अप से परिपक्वता राशि में आश्चर्यजनक बढ़ोतरी होती है।

उपरोक्त उदाहरण में यदि आप सालाना महज 10 फीसद का टॉप अप कराएं तो आपको मिलने वाली राशि 17,20,659 रुपये हो जाएगी। यह पूरे 5,41,384 रुपये अधिक है। इसमें चक्रवृद्धि की ताकत काम करने लगती है।

कैसे काम करता है यह टॉप अप नियमित एसआइपी के तहत आपके म्यूचुअल फंड खाते में हर महीने एक निश्चित राशि जमा होती है। लेकिन टॉप अप में एसआइपी की राशि हर वर्ष अथवा निर्धारित अंतराल पर बढ़ती रहती है।

उदाहरण के लिए आप अपने एसआइपी में हर साल किसी खास महीने (जैसे कि अप्रैल) 10 फीसद का टॉप अप (बढ़ोतरी) करा सकते हैं। अपनी माली हालत के मुताबिक सालाना या छमाही टाप अप का विकल्प चुना जा सकता है। जितने कम अंतराल पर अप टॉप अप करेंगे उतना ज्यादा तेजी से आपका पैसा बढ़ेगा और आप लक्षित राशि तक पहुंच जाएंगे।

जब आप टॉप अप के लिए आवेदन करें तो अपनी एएमसी (असेट मैनेजमेंट कंपनी) को हर साल एसआइपी राशि में बढ़ोतरी का निर्देश दें। यह राशि कुछ भी हो सकती है। जैसे कि 2,000 रुपये वार्षिक। आप चाहें तो प्रतिशत के हिसाब से (जैसे कि 10 प्रतिशत) बढ़ोतरी के लिए भी कह सकते हैं। यदि एसआइपी में आपका निवेश 5098

रुपये प्रति माह है। सालाना 10 प्रतिशत के हिसाब से टॉप हो रहा है तो 20 वर्षों में आपकी राशि एक करोड़ रुपये हो सकती है।

इसी तरह यदि 15,295 रुपये मासिक के निवेश की स्थिति में 10 फीसद वार्षिक टॉप अप के जरिये 20 वर्षों में यह राशि बढ़कर तीन करोड़ रुपये हो जाएगी। यह गणना सालाना 12 फीसद का रिटर्न के आधार पर

की गई है।

टॉप अप के लाभ

एसआइपी के टॉप अप से आप अपना दीर्घकालिक अथवा अल्पकालिक लक्ष्य जल्दी प्राप्त कर लेते हैं। इसके अलावा इससे महंगाई का असर खत्म करने में भी मदद मिलती है। टॉप अप के जरिये महंगाई से निपटने का काम अपने आप होता रहता है। आय में सालाना बढ़ोतरी होने पर इस अतिरिक्त आमदनी का कुछ इस्तेमाल टॉप अप में करें। फालतू खर्च के बजाय इसे बचत में लगाना बेहतर होगा। टॉप अप को आसान बनाएं यदि आप टॉप अप कर रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखकर इसे आसान बना सकते हैं।

फंड कंपनी को निर्देश देकर निश्चित अवधि के लिए ही टॉप अप में बढ़ोतरी करवाई जा सकती है, जैसे कि एक साल या पांच साल। इसके अलावा इसकी राशि भी निर्धारित कर सकते हैं, जो आपके बैंक अकाउंट से कटती रहेगी। अपनी सुविधा के अनुसार अंतराल और राशि में परिवर्तन भी कराया जा सकता है। जिन निवेशकों ने पहले कम बचत की हो, वे बाद में टॉप अप के जरिये उसे बढ़ा सकते हैं। जहां नियमित एसआइपी में हर

महीने 5,000 रुपये का निवेश करने पर 35 वर्ष में 3.13 करोड़ रुपये प्राप्त होते हैं। वहीं इसमें सालाना 10 फीसद टॉप के जरिये यही राशि 28 वर्ष में ही प्राप्त की जा सकती है।

निमेश शाह

एमडी व सीईओ

आइसीआइसीआइ प्रूडेंशियल एएमसी

Posted By: Babita Kashyap