मौजूदा स्थितियों में बाजार इन स्तरों पर कंसोलिडेट कर सकता है। अभी भी बाजार को चलाने में वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेत ही निर्णायक होंगे। इनके अलावा घरेलू कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे, मानसून का अनुमान और अर्थव्यवस्था के आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में सहायक होंगे। मौसम विभाग के मानसून

सामान्य से बेहतर रहने के अनुमान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिहाज से राहत महसूस की जा रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था बीते दो वर्षों से भारी दबाव में है। इसकी स्थितियों में सुधार होता है तो यह बाजार के लिए भी अच्छा साबित होगा।

एमएससीआइ ने अपने वैश्विक

सूचकांक की छमाही समीक्षा की घोषणा की है। इसके चलते चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में हलचल हो सकती है। सूचकांक की समीक्षा गुरुवार को होगी। इस सप्ताह जिन प्रमुख कंपनियों के नतीजों का एलान होना है उनमें हिंदुस्तान यूनीलीवर, नेस्ले इंडिया, जी एंटरटेनमेंट, कोटक र्मंहद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, ग्लेनमार्क फार्मा और कैडिला शामिल हैं।

औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े इस सप्ताह गुरुवार को आएंगे। इनमें मामूली सुधार के संकेत हैं। सीमेंट, पावर, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील आदि क्षेत्रों के अच्छे प्रदर्शन के चलते मार्च के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों में सुधार की उम्मीद है। गुरुवार को ही खुदरा महंगाई के आंकड़े भी सरकार जारी करेगी। इनमें कुछ वृद्धि की

आशंका व्यक्त की जा रही है। यह अप्रैल में 5.7 फीसद तक जा सकती है। मार्च में खुदरा महंगाई की दर 4.8 फीसद रही थी। महंगाई की दर में बढ़ोतरी सब्जियों खासकर आलू और टमाटर, चीनी, चुनिंदा खाद्य तेल

और दालों की कीमतों में वृद्धि के चलते होगी।

वैश्विक स्तर पर मिलने वाले संकेतों के नजरिये से देखें तो अमेरिका में कच्चे तेल के स्टॉक के संबंध में एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन आंकड़े बुधवार को जारी करेगा। साथ ही गुरुवार को बैंक आफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति के सदस्य तय करेंगे कि ब्याज दरों को किस दिशा में ले जाना है। शुक्रवार को जर्मनी से पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी होंगे।

संदीप पारवाल

एमडी, एसपीए कैपिटल्स

Posted By: Babita Kashyap