नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। नौकरीपेशा लोगों को अमूमन इस बात की चिंता रहती है कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें हर महीने एक फिक्स्ड इनकम कैसे हासिल हो सकती है। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) को सब्सक्राइब करते हैं। इस स्कीम को सब्सक्राइब करने वालों को 60 साल का होने के बाद इस योजना का लाभ मिलता है लेकिन क्या आपको मालूम है कि जरूरत पड़ने पर आप पहले भी अपने एनपीएस अकाउंट को बंद करा सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो 60 साल के बाद भी निवेश जारी रख सकते हैं। अधिकतम 70 वर्ष की आयु तक ऐसा किया जा सकता है।

समयसीमा पूरी होने से पहले कैसे बंद करें एनपीएस अकाउंट

अगर आपने इस स्कीम में कम-से-कम 10 वर्ष तक निवेश किया है तो रिटायरमेंट से पहले या निर्धारित आयुसीमा पूरी करने से पहले भी आप अपने NPS अकाउंट को बंद करा सकते हैं। वहीं, 60 साल का होने के बाद और 65 साल की आयु पूरी होने के पहले इस स्कीम को सब्सक्राइब करने वाले अकाउंट खोलने के तीन साल बाद इस योजना से खुद को अलग कर सकते हैं।

हालांकि, समय से पहले इस स्कीम को बंद कराने वालों के लिए एकमुश्त राशि निकालने के वास्ते कम-से-कम 80 फीसद संचित राशि का इस्तेमाल जरूरी है। आम लोगों के लिए तय मॉडल में सब्सक्राइबर की असमय मौत की स्थिति में नॉमिनी को एकमुश्त राशि के भुगतान का प्रावधान है। वहीं सरकारी मॉडल में नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को एकमुश्त राशि के भुगतान के लिए 80 फीसद संचित राशि का उपयोग जरूरी है।

तय समयसीमा के बाद भी कैसे जारी रख सकते हैं निवेश

NPS के सब्सक्राइबर्स 60 साल के बाद भी निवेश जारी रख सकते हैं। इस स्कीम में 70 वर्ष की उम्र तक इंवेस्टमेंट किया जा सकता है। इसके लिए स्कीम की मियाद पूरी होने से 15 दिन पहले लिखित में निवेश जारी रखने के लिए आवेदन करना होगा। हालांकि, एकमुश्त पेंशन निकालने की प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर भी यह जारी रह सकता है। हालांकि, सरकारी और कॉरपोरेट मामलों में निवेश जारी रखने के लिए लिखित में देना जरूरी है।

वहीं, अगर आपने तय एक्जिट डेट के बाद भी निवेश जारी रखने का विकल्प चुना है लेकिन किसी भी समय में आपको महसूस होता है कि आप निवेश जारी नहीं रख सकते हैं तो बस आपको एक रिक्वेस्ट डालनी होगी और आपका अकाउंट बंद हो जाएगा।

क्या है नेशनल पेंशन सिस्टम

भारत सरकार ने बुजुर्ग लोगों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए इस पेंशन एवं निवेश योजना की शुरुआत की थी। इस स्कीम के जरिए 60 साल के होने के बाद सुरक्षित एवं रेगुलेटेड मार्केट आधारित रिटर्न प्राप्त किया जा सकता है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) इस स्कीम को रेगुलट करता है।

क्यों करें एनपीएस अकाउंट में निवेश

1. किफायती उत्पाद

2. मार्केट से जुड़े आकर्षक रिटर्न

3. आसानी से संभव है पोर्टेबिलिटी

4. संसद के एक्ट के जरिए गठित पीएफआरडीए द्वारा रेगुलेटेड

Posted By: Pawan Jayaswal

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