नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) नया ई-इंस्पेक्शन सिस्टम लॉन्च करने जा रहा है। इससे इंस्पेक्शन प्रोसेस सरल बनेगा। साथ इस सिस्टम से संगठन यह सुनिश्चित करेगा कि कम्युनिकेशन फिजिकल इंस्पेक्शन की बजाय ऑनलाइन ही हो, जब तक की बड़ी आवश्यकता ना हो। यह जानकारी केंद्रीय भविष्य निधि कमिश्नर सुनिल बर्थवाल ने दी है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि सीआईआई की प्रेस रिलीज के मुताबिक, बर्थवाल ने सीआईआई के एक कार्यक्रम में कहा कि ईपीएफओ ने उत्पीड़न पर अंकुश लगाने के लिए अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव किया है। इसके तहत जांच की अधिकतम अवधि दो साल होगी।

बर्थवाल ने कहा कि आंकड़ों की गड़बड़ी के चलते कुछ फीसद कर्मचारी UAN जेनरेट नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए ईपीएफओ कर्मचारी डेटाबेस के माध्यम से इंस्पेक्शन की वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रहा है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ईपीएफओ KYC का पालन करने वाले लाभार्थियों के लिए मामलों का निपटान तीन दिन के अंदर करने की योजना बना रहा है। ऐसे लाभार्थियों का UAN आधार और बैंक खाते के साथ लिंक होता है। साथ ही मोबाइल नंबर भी रजिस्टर होता है।

बर्थवाल ने उद्योग के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि चूककर्ताओं को आपराधिक श्रेणी से बाहर करने और इन मामलों को आर्थिक अपराध की श्रेणी में रखने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि आईसीएआई की तर्ज पर सलाहकारों की संस्था बनाने का भी प्रस्ताव है, जो कि भ्रष्टाचार को रोकने में मदद करेगा।

Posted By: Pawan Jayaswal

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