यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रुपये में गिरावट
रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 62.03 का निम्नतम स्तर छुआ। रिजर्व बैंक और सरकार के तमाम कदमों के ...और पढ़ें

रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 62.03 का निम्नतम स्तर छुआ। रिजर्व बैंक और सरकार के तमाम कदमों के बावजूद रुपये में गिरावट का सिलसिला जारी है।
-आरबीआइ ने देश से बाहर भेजे जा सकने वाली रकम को 75,000 डॉलर तक सीमित कर दिया। पहले यह सीमा 2 लाख डॉलर थी। इससे पहले आरबीआइ ने सोने के सिक्कों और मेडलियन के आयात पर पूरी तरह से प्रति बंध लगा दिया।
-सेबी ने बंगाल की कंपनी कोलकाता वेयर इंडस्ट्री को आम जनता से किसी भी तरह का पैसा उठाने पर पाबंदी लगा दी है। कंपनी ने करीब एक लाख निवेशकों से 48 करोड़ रुपये इकज्ञ किए थे। इस मामले में सेबी ने कंपनी को 15 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
-एनएसईएल संकट गहराता नजर आ रहा है। निवेशकों के संघ ने इस एक्सचेंज के खिलाफ अदालत में जाने का फैसला लिया है। निवेशकों को जल्दी भुगतान को लेकर पीएमओ ने सचिवों की एक समिति बनाई है। मामला संसद तक जा सकता है।
-औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार का पहिया अब उलटा घूमता नजर आ रहा है। जून में आइआइपी 2.2 फीसद लुढ़का।
