नई दिल्‍ली, आशीष दीप। Sarkari karmachariyon ने महंगाई भत्‍ता (Dearness Allowance) बढ़ने के बाद अब डेढ़ साल का बकाया (Arrear) भी मांगा है। इसे लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की यूनियन सरकार से बातचीत कर रही है। JCM के नेशनल काउंसिल ने कैबिनेट सेक्रेटरी को Arrear जारी करने की 2 ठोस वजह दी हैं। उनका दावा है कि इससे कर्मचारियों का फायदा तो होगा ही, साथ ही इकोनॉमी की सुस्‍ती भी कम होगी।

नेशनल काउंसिल/जेसीएम के कर्मचारी पक्ष के सचिव शिव गोपाल मिश्र ने बताया कि सरकार ने Covid mahamari के बीच कर्मचारियों को जो महंगाई भत्‍ता बढ़ाकर तोहफा दिया है, उससे उनका मनोबल बढ़ा है। इसे लेकर काउंसिल की 26 जून को बैठक भी हुई थी। इसके बाद सरकार ने DA बढ़ाने का ऐलान कर दिया। हालांकि सरकार ने बीते डेढ़ साल का एरियर देने के बारे में कोई बात नहीं की है। यह तर्कसंगत नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

शिव गोपाल मिश्र ने इस मांग के पीछे दो ठोस वजह भी बताईं। उन्‍होंने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि DA और DR (Dearness Relief) कर्मचारी और पेंशनर का अधिकार हैं। इसे किसी सूरत में नहीं रोका जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2021 में इसे लेकर फैसला भी दिया है। इसके मुताबिक Salary और Pension कर्मचारी का Right Full Entitlement है और इसे कानून के मुताबिक अदा करना चाहिए।

यह है दूसरी वजह

शिव गोपाल मिश्र ने दूसरी वजह यह बताई कि अगर सरकार 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 के DA का एरियर दे देती है तो इससे कर्मचारियों और पेंशनर का फायदा होगा। इससे बाजार में Cash Flow बढ़ेगा, जो इकोनॉमी की Corona के कारण आई सुस्‍ती को दूर करने में मदद करेगी।

Gratuity और Leave encashment की रकम

शिव गोपाल मिश्र ने बताया कि 1 जनवरी 2020 से 30 जून 2021 के बीच रिटायर लोगों को Arrear ने मिलने से काफी नुकसान होगा। उनकी Gratuity और Leave encashment की रकम घट जाएगी। यह उनके साथ अन्‍याय है क्‍योंकि उन्‍हें DA में बढ़ोतरी का भी फायदा नहीं मिलेगा।

Edited By: Ashish Deep