एक छोटी सी कहानी पहले मैं आपको सुनाता हूं। बीरवा जब कालेज की पढ़ाई बहुत अच्छे अंकों से पास कर गई और एक बहुत ही नामी कॉलेज के एमबीए कोर्स में उसका एडमीशन पक्का हो गया तो उसके मां-बाप ने बहुत ही शान व प्यार से उसे एक कार भेंट की। बीरवा हमेशा से कॉलेज अपनी गाड़ी से जाना चाहती थी। उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था।

वह तुरंत ही नई चमचमाती कार को अपने दोस्तों को दिखाने के लिए निकल पड़ी। लेकिन गाड़ी नई थी और वीरवा उसकी गति का अंदाजा नहीं लगा सकी, घर से बाहर निकलते ही उसने अपनी सोसायटी के गेट पर ही गाड़ी को भिड़ा दिया। कार की सूरत बिगड़ गई। पिछले के हिस्से पर अच्छा खास डेंट पड़ गया तो लाइटें भी चकनाचूर हो गईं। आनन-फानन में वह गाड़ी को नजदीक के कार गैरेज के पास ले गई, ताकि जल्दी से इसे ठीक किया जा सके।

गैरेज में मरम्मत का काम शुरू हुआ, गाड़ी सही हो गई और बीरवा को सारे बिल सौंप दिए गए। बीरवा ने अब बीमा कंपनी से संपर्क किया ताकि मरम्मत के खर्चे को पाया जा सके। लेकिन बीमा कंपनी ने पहले सूचना नहीं देने के आधार पर इसकी भरपायी करने से साफ मना कर दिया। बीमा कंपनी ने बताया कि जब उसे दुर्घटना की जानकारी ही नहीं, जब उसने सर्वे ही नहीं करवाया तो फिर वह कैसे बीरवा के दावे पर भरोसा करे। बीरवा के होश उड़ गए।

इस कहानी से यह सबक मिलती है कि कार दुर्घटना का हर्जाना अगर आपको हासिल करनी है तो फिर उसकी जानकारी सबसे पहले बीमा कंपनी को दीजिए। अफसोस की बात यह है कि देश में बीरवा जैसे काफी लोग हैं जो समय पर कार दुर्घटना के बारे में बीमा कंपनी को नहीं बताते और उनके दावे को खारिज कर दिया जाता है। इसलिए इस सबक को याद रखिए और हम मैं आगे आपको कुछ अन्य सलाह दे रहा हूं जो कार बीमा के फायदे को सुनिश्चित करेगा। इन तथ्यों को आप ध्यान में रखेंगे तो कभी आप बीरवा जैसे परेशान नहीं होंगे।

सीएनजी का अलग से किट लगाना- ईंधन की बढ़ती लागत को देखते हुए लोगों ने अब सीएनजी और एलपीजी के किट बाहर से लगवाना शुरू कर दिया है। अगर आपकी गाड़ी में लगी हुई इस किट का आरसी के नियमों के मुताबिक नहीं है और बीमा पॉलिसी के तहत कवरेज नहीं है तो फिर आपको कार बीमा हासिल करना मुश्किल होगा।

निजी वाहन, वाणिज्यिक इस्तेमाल
अगर आपकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन एक निजी वाहन के तौर पर हुआ है और आप उसका वाणिज्यिक इस्तेमाल कर रहे हैं। दुर्भाग्य से वह दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है तो इसके लिए आपको कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।

सर्वे से पहले मरम्मत
अगर बीमा कंपनी ने सर्वे नहीं किया है। आपकी गाड़ी के मरम्मत का काम शुरू हो गया तो फिर आपको कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।

ओवरलोडिंग की मुसीबत
अगर आपने अपनी गाड़ी में निर्धारित मानदंड से ज्यादा सामान या आदमियों को बिठा रखा है, तो फिर बीमा कंपनी आपको सीधे तौर पर मुआवजा देने से मना कर सकती है।

इन तथ्यों के अलावा भी कई बातें हैं, जिनके आधार पर आपके दावे को खारिज किया जा सकता है। जैसे अगर यह साबित हो गया है गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर अल्कोहल पिए हुए था या कोई और नशा किए हुए था। वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने पर भी दावे खारिज कर दिए जाएंगे। इसलिए जब कार बीमा करवाइए, तो इन बातों के बारे में पूरी जानकारी बीमा एजेंट से हासिल कर लीजिए।
अमिताभ जैन
हेड (मोटर ओवरराइडिंग व क्लेम्स) आइसीआइसीआइ लोम्बार्ड

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