पहली जीवन बीमा पालिसी मुझे किस उम्र में लेनी चाहिए? यद्यपि इसके लिए कोई तयशुदा उम्र नहीं हो सकती, जहां आकर किसी व्यक्ति को निश्चित रूप से जीवन बीमा पालिसी ले लेनी चाहिए। लेकिन यदि आपका परिवार के आपकी आमदनी पर ही निर्भर है तो निश्चित रूप से जल्द से जल्द अपना जीवन बीमा करा लेना चाहिए। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि जब आप 20 से 30 वर्ष की आयु के बीच जीवन बीमा पालिसी लेते हैं तो बीमा कंपनी भी जानती है कि आप उन वषरें के लिए प्रीमियम अदा कर रहे हैं जब आपके जीवन पर जोखिम न्यूनतम होता है। आपकी उम्र का एक एक साल गुजरने पर यह जोखिम बढ़ता जाता है। इसलिए कम उम्र में पॉलिसी लेने पर सदैव आपको कम प्रीमियम अदा करना होता है।

मुझे कितना जीवन बीमा कराना चाहिए?

जीवन बीमा का मुख्य उद्देश्य है कि आपके बाद आपके परिवार का रहन सहन उसी स्तर का बना रहे जो आपके रहते रहा। परिवार को आपके बाद जीवन यापन का यह स्तर बनाए रखने के लिए कितनी धनराशि की आवश्यकता होगी? इसका आकलन करने के लिए मोटे तौर पर दो तीन तरीके हैं।

पहला, अपनी सालाना आय जोड़ें और उसे पांच से गुणा कर दें। लेकिन यह आमतौर पर बहुत सटीक स्थितियों का आकलन नहीं करता। दूसरा, अपने सभी तरह के कजरें को जोड़ें, एक कागज पर एक तरह अपने खर्च लिखें और विभिन्न स्नोतों से होने वाली आय।

आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि परिवार को मिलने वाली बीमा राशि इतनी हो जिसमें आपके बाद परिवार के मौजूदा और भविष्य (बच्चों की पढ़ाई) में होने वाले खर्च का वहन किया जा सके। इसके बाद इस राशि में सालाना खर्च की एक राशि जोड़ें जो आकस्मिक खर्चो को ध्यान में रखकर तय की गई हो। इन सब को जोड़ कर जो राशि आती है आपकी बीमा की राशि उतनी ही होनी चाहिए। तीसरा, इसके तहत परिवार की जरूरतों के मुताबिक जीवन स्तर को बनाए रखने के हिसाब से एक राशि का अनुमान लगाएं। इस राशि को बीस से गुणा करें। इस गणना का आधार यह है कि आपके बाद आपका परिवार हर साल बीमा राशि में से पांच फीसद का इस्तेमाल करेंगे। लेकिन इसमें यह सुनिश्चित हो कि बीमा राशि के मूलधन का निवेश इस तरह हो जिससे सालाना पांच फीसद रिटर्न मिले।

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