विशेष हेल्थ बीमा कैसे अलग होते हैं, इस बात को समझाने से पहले मैं आप लोगों को एक कहानी सुनाना चाहता हूं। यह कहानी एक ऐसे शख्स की है जो अपनी वित्तीय प्लानिंग को लेकर काफी सजग रहता है। चाहे बात बीमा की हो या स्वास्थ्य बीमा की या लंबी अवधि की जरूरतों की वह हर वक्त के हिसाब से निवेश प्लानिंग करता है।

होता यह है कि एक बार वह बीमार पड़ जाता है। इसके लिए भी उसके पास एक स्वास्थ्य बीमा है। इससे उसकी बीमारी से जुड़ी कई जरूरतों की पूर्ति हो जाती है। मससल, अस्पताल के खर्चे, डॉक्टरों की फीस, दवाई की लागत वगैरह की भरपायी तो हो गई, लेकिन फिर भी उस व्यक्ति को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

मसलन, बीमारी की वजह से कारोबार या नौकरी का नुकसान होने, रोज-रोज अस्पताल के चक्कर लगाने, माता-पिता या बाल बच्चों के अस्पताल के पास ठहरने के खर्चे, बीमारी के बाद के खर्चे वगैरह की भरपायी नहीं हो पाई। ताजा आंकड़े बताते हैं कि अस्पताल में भर्ती होने पर भी सिर्फ 14 फीसद खर्चे की भरपायी ही साधारण हेल्थ बीमा से हो पाती है यानी हेल्थ बीमा कवरेज के बावजूद बीमित व्यक्ति को 86 फीसद खर्चे उठाने पड़ते हैं।

हम सब जानते हैं कि सबसे मशहूर स्वास्थ्य बीमा मेडीक्लेम पॉलिसियां होती हैं जो सामान्य तौर पर सिर्फ अस्पताल में भर्ती होने के खर्चे की भरपायी करती हैं। इसके तहत खर्चे को कैशलेस या अस्पतालों के साथ विशेष समझौते या फिर खर्चे के बाद उसकी अदायगी की जाती है। लेकिन मैं आपको बेनिफिट आधारित हेल्थ प्लान के बारे में बताता हूं। ये ऐसी पॉलिसियां हैं जो किसी खास बीमारी की स्थिति में बीमित व्यक्ति को एकमुश्त राशि के तौर पर दी जाती है।

इसके तहत बीमारी की स्थिति में आय में होने वाली हानि की भरपायी भी एक सीमा तक की जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसके तहत बीमा राशि हासिल करने के लिए आपको अस्पताल के बिल, डॉक्टरों की पर्ची या दवाई की पर्ची नहीं देनी पड़ती। बीमारी होने पर उसका प्रमाण देने के बाद ग्राहकों को एकमुश्त राशि दे दी जाती है।

इससे यह सुनिश्चित होता है कि परिवार के पास एकमुश्त राशि हो, ताकि वह बीमारी के इलाज के लिए सही व सटीक योजना बना सके। परिवार के लोग अपने सारे खर्चे को लेकर पहले ही सजग हो जाते हैं और इस हिसाब से पैसे की चिंता छोड़ कर लोग बीमारी को ठीक करने पर अपना ध्यान दे सकते हैं। इससे बीमारी के बाद के खर्चे की भरपायी भी शामिल है।
तरुण चुग
एमडी व सीईओ
पीएनबी मेट लाइफ

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