अपने भविष्य व प्रियजनों की वित्तीय सुरक्षा के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग आज के दौर की जरूरत है। पहले के मुकाबले ज्यादा दिन जीने के कारण हमारे जीवन का प्रत्येक चरण प्रभावित हुआ है। जिंदगी का मध्य चरण तो देर से आने ही लगा है, अब लोग ज्यादा दिन तक काम करना चाहते हैं और देर से रिटायर होना चाहते हैं। इसी के साथ पारिवारिक मूल्य भी बदले हैं और संयुक्त परिवार की जगह न्यूक्लियर फैमिली ने ले ली है। ऐसे में पहले जो वित्तीय बोझ आपस में बंट जाता था, वह बच्चों पर पड़ने लगा है। इन हालात में हमारे लिए अपने भविष्य की योजना बनाना जरूरी हो गया है। विरासत की योजना अपनी जिंदगी, अपनी उपलब्धियों व योगदानों को सम्मान देने का सबसे विवेकपूर्ण तरीका है।

कुछ देशों में अपनी अंत्येष्टि से जुड़ी रस्मों व अनुष्ठानों के लिए धन का इंतजाम भी मृतक खुद करके व अपने वारिसों को इसकी जानकारी देकर जाते हैं।

परंपरागत रूप से जीवन बीमा को लीगेसी प्लानिंग का अहम तरीका माना जाता है। भारत में लंबे समय तक संयुक्त परिवार की प्रथा रहने व बच्चों पर अत्यधिक निर्भरता के कारण इस अवधारणा का विकास नहीं हो सका। हमारा मानना है कि बदलते वक्त व सामाजिक ढांचे के साथ अब हमें नई आवश्यकताओं को समझना व उनके अनुसार कार्य करना चाहिए। इस लिहाज से अपनी विरासत की योजना बनाने में ही समझदारी है। इसके लिए होल लाइफ इंश्योरेंस प्लान यानी आजीवन बीमा योजनाएं खास तौर पर आदर्श हैं। ये ऐसी दीर्घकालिक जीवन बीमा योजनाएं होती हैं, जिनमें जीवनपर्यंत साथ निभाने वाले मृत्यु कवर के साथ संकलित जीवन लाभ, गारंटी व कर लाभ शामिल होते हैं।

आजीवन बीमा पॉलिसी
आजीवन या होल लाइफ जीवन बीमा पॉलिसी में पॉलिसीधारक को नियमित या सीमित अवधि का प्रीमियम भरने व परिपक्वता पर एकमुश्त राशि प्राप्त करने या 100 साल या मृत्यु तक (जो भी पहले हो) जीवन सुरक्षा बनाए रखने के विकल्प मिलते हैं। मृत्यु या 100 साल तक जीवित रहने की स्थिति में योजना के तहत पॉलिसीधारक को एक बार पुन: एकमुश्त राशि प्राप्त होती है, जिसे वारिसों को सौंपा जा सकता है। संपूर्ण जीवन बीमा कवर इन वजहों से जरूरी है :

आजीवन वित्तीय सुरक्षा
जहां सावधि जीवन बीमा कवर सीमित अवधि के लिए होता है, वहीं आजीवन बीमा योजनाएं पूरी जिंदगी (100 साल तक) को कवर करती हैं। यह एक ऐसी विशेषता है, जो न केवल अन्य योजनाओं से अलग है बल्कि सुनिश्चित करती है कि आपको या आपके परिवार को परिपक्वता के बाद भी एकमुश्त राशि मिलेगी।

जिंदगी के लाभ
संपूर्ण जीवन बीमा योजना में बचत का घटक भी होता है, जिसमें साल-दर-साल वृद्धि होती रहती है और बोनस जुड़ने के कारण अंतत: एक बड़ी राशि में तब्दील हो जाती है। दूसरी ओर, प्रीमियम की राशि स्थिर व वहन करने योग्य रहती है जिससे आपको बचत करने में दिक्कत नहीं होती है।

प्रमुख पड़ाव
संपूर्ण जीवन बीमा कवर को ऐसी करमुक्त आय माना जा सकता है, जिससे आप अपनी वक्ती जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। पॉलिसी की परिपक्वता तिथि का निर्धारण आप अपने बच्चों की उच्च शिक्षा, व्यावसायिक आवश्यकता या विवाह के वर्ष के अनुसार कर सकते हैं।

कर्ज की सुविधा
कई आजीवन बीमा योजनाओं में पॉलिसी पर लोन की सुविधा का प्रावधान भी होता है। इससे आपात स्थिति में आप अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं। आम तौर पर कर्ज की राशि पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू के बराबर होती है, जिसमें समय के साथ संपत्ति के मूल्य के अनुसार बढ़ोतरी होती रहती है।

आज और कल के लिए
यदि आप व आपका जीवनसाथी संपूर्ण जीवन बीमा पॉलिसी खरीदते हैं तो इससे आपको अतिरिक्त वित्तीय संसाधन प्राप्त होते हैं, जिनका उपयोग आप रिटायरमेंट के सालों में कर सकते हैं। इनका फायदा आपके बच्चों को भी प्राप्त हो सकता है। यदि आपकी मृत्यु जीवनसाथी से पहले हो जाती है तो इससे उनको अतिरिक्त वित्तीय सहारा प्राप्त होता है। बच्चों को भी उसका फायदा मिल सकता है।

कर लाभ
संपूर्ण जीवन बीमा पॉलिसी पर आयकर कानून की धारा 80सी व 10 (10डी) के तहत कर लाभ भी मिलते हैं। इससे आप बच्चों को पर्याप्त राशि प्रदान कर सकते हैं।
संजय त्रिपाठी
सीनियर ईवीपी-मार्केटिंग,
डिजिटल एंड कॉमर्स,
एचडीएफसी लाइफ

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