एक जनवरी, 2014 के बाद जीवन बीमा का माहौल आम पॉलिसीधारकों के लिए भी अलग होगा और जीवन बीमा कंपनियों के लिए भी। बदले माहौल में आम ग्राहक अपने हितों की रक्षा कैसे करें और नए उत्पादों के बारे में बजाज अलायंज लाइफ इंश्योरेंस के हेड (प्रोडक्ट डेवलपमेंट एंड मार्केटिंग) रितुराज भत्रचार्या ने विशेष संवाददाता जयप्रकाश रंजन को बताया।

-बीमा करवाने वाले लोगों की सोच में कुछ बदलाव आया है क्या?

वर्ष 2012 में जीवन बीमा पॉलिसी करवाने वाले लोगों के बीच हमने एक देशव्यापी अध्ययन करवाया। नतीजे चौंकाने वाले थे। अभी भी बड़ी संख्या में लोग टैक्स बचाने के लिए ही जीवन बीमा पॉलिसी खरीदते हैं। लेकिन बचत के साथ बीमा कवरेज लेने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। एक बड़ा बदलाव हमने पाया कि बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रख कर काफी लोग पॉलिसी खरीद रहे है। हां, सेवानिवृत्ति के लिहाज से बीमा पॉलिसी को लेकर जागरुकता का काफी अभाव है।

-क्या इस अध्ययन के आधार पर नई पॉलिसियां लाई जा रही है?

बिल्कुल। हमारे सामने एक जनवरी, 2014 से लागू होने वाले नए दिशानिर्देशों के मुताबिक पॉलिसी लाने की चुनौती थी। लिहाजा हमने तीन बिल्कुल नई पॉलिसियां तैयार की हैं जो बाजार और जनता की बदलती जरूरत के हिसाब से है। इसमें एक पहली बार जीवन बीमा करवाने वाले वर्ग के लिए है तो दूसरी पॉलिसी जीवन के कुछ खास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए है। तीसरी पॉलिसी बुढ़ापे की सुरक्षा के लिहाज से तैयार की गई है।

-बीमा पॉलिसियों पर नए नियम के बाद आम ग्राहकों को किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए?

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आइआरडीए) की तरफ से तैयार नए दिशानिर्देश पूरी तरह से ग्राहकों के हितों को केंद्र में रख कर तैयार किए गऐ है। जाहिर है कि यह ग्राहकों के लिए फायदेमंद ही रहेगा। जहां तक आम ग्राहकों का सवाल है तो बीमा करवाने का जो मूल उद्देश्य है वह तो नहीं बदलेगा। ग्राहकों को नई पॉलिसी करवाने से पहले बीमा का उद्देश्य, जोखिम लेने की अपनी क्षमता जैसी बातों पर विचार कर लेना चाहिए। बाजार मे हर तरह की जरुरत के हिसाब से बीमा पॉलिसियां है। आपको गारंटी चाहिए तो गारंटेड रिटर्न वाली जीवन बीमा पॉलिसी है तो लंबे समय में ज्यादा रिटर्न देने वाली पॉलिसियां भी लांच की जा रही है। मेरा मानना है कि हर व्यक्ति को थोड़ा जोखिम उठाना चाहिए। इसके बगैर ज्यादा रिटर्न मिलना मुश्किल है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जो भी थोड़ी बहुत राशि बचे उसे जोखिम वाली पॉलिसियों में लगा दे। पहले अपनी पूंजी बना लेनी चाहिए, उसके बाद ही धीरे-धीरे जोखिम लेने की तरफ बढ़ना चाहिए।

-क्या नए दिशानिर्देश से पॉलिसियां पहले से महंगी हो जाएंगी?

नहीं, ऐसा नहीं है। हां, पॉलिसियों के तहत कवरेज जरूर बढ़ जाएगा। यह ग्राहकों के लिए ही ठीक है। अपने देश में बहुत कम लोगों के पास पर्याप्त बीमा होता है। साथ ही, नए दिशानिर्देश से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।

रितुराज भत्रचार्या

बजाज अलायंज लाइफ इंश्योरेंस

हेड (प्रोडक्ट डेवलपमेंट एंड मार्केटिंग)

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