नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। चालू वित्त वर्ष 2017-18 खत्म होने जा रहा है। ऐसे में अगर आप भी टैक्स की बचत के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी लेने की सोच रहे हैं, तो आपको कुछ बातों का विशेष ख्याल करना होगा। हम अपनी इस खबर में आपको ऐसी कुछ बातें बताएंगे जिन्हें इंश्योरेंस पॉलिसी को लेते वक्त ध्यान में रख आप अपना फायदा करा सकते है।

क्या पॉलिसी आपकी उम्मीदों के मुताबिक है: पॉलिसी लेते वक्त आपको इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि आप जो इंश्योरेंस पॉलिसी लेने जा रहे हैं क्या वो आपकी उम्मीदों के मुताबिक है। जैसा कि बाजार में तरह तरह के इंश्योरेंस प्लान उपलब्ध होते हैं लिहाजा इनमें से किसी एक का चुनाव करना थोड़ा मुश्किल होता है। जैसे कि आप टर्म प्लान चाहते हो लेकिन आपको यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान मिल जाता है। आप चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान चाहते हो लेकिन आपको रिटायरमेंट प्लान दे दिया जाता है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप यह पहले ही सुनिश्चित कर लें कि आपकी पॉलिसी आपको वही फायदे देगी जो आप चाहते हैं।

निजी जानकारी और नॉमिनी की डिटेल सही सही भरें: अगर आप अपनी निजी जानकारी और नॉमिनी की डिटेल सही सही भरते हैं तो क्लेम की प्रक्रिया में काफी आसानी रहती है। ऐसा न होने की सूरत में आपको काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है। जरा कल्पना करें कि आपके न रहने की सूरत में आपकी किसी एक गलती (गलत जानकारी भरना) का खामियाजा आपके परिवार या नॉमिनी को किस तरह से उठाना होगा। इसलिए हमेशा ध्यान रखें कि आप जो भी डिटेल दे रहे हैं वो पूरी तरह से दुरूस्त हो।

अपने नॉमिनी को दें जानकारी: सिर्फ इंश्योरेंस पॉलिसी लेना ही काफी नहीं होता है, अगर हमने किसी पॉलिसी के लिए फॉर्म भरा है और उसमें किसी को अपना नॉमिनी बनाया है तो आपको उस व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए। ताकि आपकी मृत्यु हो जाने के बाद आपका नॉमिनी इसका लाभ ले सके। साथ ही पॉलिसी से जुड़े सभी दस्तावेज एक सेफ जगह रखने चाहिए और इसकी जानकारी भी नॉमिनी को देनी चाहिए, क्योंकि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आपका नॉमिनी इसका फायदा उठा पाएगा।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट:

फाइनेंशियल प्लानर जितेंद्र सोलंकी बताते हैं कि आपको लंबी अवधि के लिए ही इंश्योरेंस पॉलिसी लेनी चाहिए। आम तौर पर लोग 3 से 5 साल के लिए ही इंश्योरेंस पॉलिसी ले लेते हैं और फिर इससे पैसा निकाल लेते हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए। दूसरी बात इंश्योरेंस प्लान और इन्वेस्टमेंट को अलग अलग रखना चाहिए, इसको एक नहीं मानना चाहिए। अगर आप लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ले रहे हैं तो ध्यान रखें कि वह आपके परिवार की मदद करने वाली हो। साथ ही आपको टैक्स स्लैब का ख्याल रखना चाहिए ताकि आप अपनी पॉलिसी का सही फायदा उठा पाएंगे। इसके अवाला सबसे अहम बात यह है कि आपको एक वित्त वर्ष के आखिरी तीन महीनों में लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने से बचना चाहिए।

By Praveen Dwivedi