नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। टेक्नोलॉजी के दौर में स्मार्टफोन इंसान के लिए बहुत जरूरी चीज बन गया है। आज के दौर में स्मार्टफोन की मदद से कॉल और मैसेज के साथ, बिल भरने, शॉपिंग करने, इंटरनेट का उपयोग करने, फिल्म और खेल आदि को देखने जैसे कार्यों को किया जा सकता है। आकड़ों के अनुसार, इस साल भारत पहली तिमाही में ही स्मार्टफोन की बिक्री के मामले में अमेरिका से आगे निकल गया है।

आज के दौर में स्मार्टफोन महंगे होते हैं इसलिए लोग इनकी सुरक्षा करने के लिए कवर और टेंपर ग्लास जैसी चीजों पर अच्छा खासा पैसा खर्च कर देते हैं, जिससे की फोन को गिरने पर कोई नुकसान न हो, जबकि उससे कुछ खास सुरक्षा नहीं होती है। बहुत से लोगों को यह पता नहीं है कि स्मार्टफोन का इंश्योरेंस भी किया जा सकता है, ऐसी स्थिति में अगर फोन खराब भी हो जाए तो आपको नुकसान नहीं होगा।

ये हैं स्मार्टफोन इंश्योरेंस से जुड़ी कुछ जरूरी बातें-

  • बाजार में बहुत सारी इंश्योरेंस पॉलिसी मौजूद हैं, जिसमें स्मार्टफोन की चोरी, स्क्रीन टूटने, पानी में गिरने आदि जैसी स्थिति में नुकसान को कवर किया जाता है। आप फोन का इंश्योरेंस करवा सकते हैं और उसे टूटने और पानी में डूबने की स्थिति में नुकसान से बचा सकते हैं। कई पॉलिसी में फोन को रिपयेर किया जाता है और कई बार उसकी जगह नया फोन दिया जाता है।
  • अधिकतर फोन निर्माता कंपनी अपने स्मार्टफोन पर 1 साल की वारंटी देती हैं, अब ऑप्शनल वारंटी को तीन साल बढ़ाया जा सकता है। इस वारंटी में सिर्फ फोन की खराबी को ठीक किया जाता है, उसके टूटने, पानी में गिरने या चोरी पर कंपनी का कोई लेना-देना नहीं है।
  • स्मार्टफोन में आजकल बहुत महत्वपूर्ण और निजी डेटा रहता है, जिसे अपराधिक गतिविधियों के लोग साइबर क्राइम के जरिए चुरा सकते हैं या उसके साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। साइबर इंश्योरेंस पॉलिसी में ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर एक्सटॉर्शन, आइडेंटिटी चोरी, मैलवेयर अटैक आदि से बचाया जाता है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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