नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। इंश्योरेंस सेक्टर में राइडर एक एड ऑन होता है जो अतिरिक्त फीचर्स ऑफर करता है। जैसे लोग हेल्थ इंश्योरेंस के साथ क्रिटिकल इलनेस कवर राइडर के रूप में खरीदते हैं। इससे उन्हें पॉलिसी के साथ-साथ और अन्य बीमारियों की भी कवरेज भी मिल जाती है। हालांकि राइडर के साथ पॉलिसी की प्रीमियम राशि भी बढ़ जाती है।

क्यों खरीदना चाहिए राइडर-
राइडर्स, अलग से पॉलिसी खरीदे बिना अतिरिक्त इंश्योरेंस कवर और बेनिफिट्स देते हैं। इसके लिए अतिरिक्त प्रीमियम राशि भुगतान करना होता है। आप अपनी जरूरतों, प्राथमिकताओं और कवरेज के आधार पर राइडर्स को अपनी बेसिक पॉलिसी के साथ जोड़ सकते हैं। इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ राइडर्स की खरीद आपको जोखिम से अतिरिक्त सुरक्षा देती है। मुख्य पॉलिसी के रोक देने की स्थिति में राइडर्स खुद टर्मिनेट हो जाते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि अगर मुख्य पॉलिसी के नियम व शर्तों में स्पष्ट है तब ही उसके साथ राइडर को जोड़ा जा सकता है।

कब खरीदे जा सकते हैं राइडर्स-
आमतौर पर राइडर्स इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के समय लिये जाते हैं। हालांकि, कुछ इंश्योरर पॉलिसी खरीदने के बाद भी राइडर्स लेने की सुविधा दे देते हैं।

राइडर्स में क्या मिलते हैं टैक्स बेनिफिट्स-
मौजूदा समय में राइडर्स के प्रीमियम भुगतान पर जो टैक्स बेनिफिट मिलता है वो मुख्य जीवन बीमा पॉलिसी के जैसा होता है।

क्या हैं राइडर्स के फायदे-
ज्यादा कवरेज- अपनी मुख्य बीमा पॉलिसी के साथ राइडर लेने से कॉम्प्रिहेंसिव कवरेज मिलती है। उदाहरण के तौर पर क्रिटिकल इलनेस राइडर में पॉलिसीधारक लंपसम का भुगतान करता है, जिससे फिर वो घर के खर्चे, लोन ईएमआई चुकता करना और मेडिकल खर्चों के अलावा अन्य वित्तीय लायबिलिटीज को पूरा कर सकते हैं।

राइडर्स किफायती होते हैं-
अगल से पॉलिसी खरीदना महंगा होता है। ऐसे में राइडर्स किफायती होते हैं। साथ ही राइडर्स कई तरह के होते हैं जिसका चुनाव अपनी जरूरत अनुसार किया जा सकता है। इस तरह किफायती कीमत पर ज्यादा कवरेज ली जा सकती है।

इंश्योरेंस पॉलिसी में जोड़ें कोई भी राइडर-
अपनी मौजूदा इंश्योरेंस पॉलिसी (टर्म, यूलिप, इंडोमेंट, होल लाइफ) के लिए कोई भी राइडर ले सकते हैं और इसे अपने हिसाब से कस्टमाइज कर सकते हैं।

टैक्स बेनिफिट्स-
मुख्य बीमा पॉलिसी एलआईसी की तरह, राइडर्स पर मौजूदा टैक्स नियमों के अंतर्गत कर लाभ भी मिलते हैं। आपको बता दें कि हेल्थ और क्रिटिकल इलनेस राइडर को छोड़ सभी राइडर्स के लिए दिये जाने वाले प्रीमियम पर सेक्शन 80सी के अंतर्गत टैक्स बेनिफिट मिलता है। वहीं, हेल्थ और क्रिटिकल इलनेस राइडर्स को सेक्शन 80डी के अंतर्गत कर लाभ मिलता है। राइडर के सभी बेनिफिट्स जब क्लेम किये जाते हैं तो वे सेक्शन 10(10डी) के तहत कर छूट के दायरे में आते हैं। हालांकि टैक्स नियम समय समय पर बदलते रहते हैं। साथ ही नियमों के अनुसार तब से एप्लिकेबल होंगे जब से इंश्योरर ने सेवाओं के शुरू होने की तारीख स्पष्ट की हुई है।

किन बातों का रखें ध्यान-
अपनी पॉलिसी में राइडर शामिल करने से पहले राइडर्स के बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त कर लें। साथ ही इससे जुड़े लाभ और कवरेज के बारे में भी पता कर लें। हर इंश्योरेंस कंपनी की ओर से दिये जाने वाले राइडर्स का प्रीमियम और कॉस्ट अलग अलग होता है। किसी भी राइडर का चयन करने से पहले अपनी और परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखें। ताकि आपने मौजूदा जीवन बीमा की कवरेज को जरूरतों के हिसाब से बढ़ाया जा सके।

Posted By: Surbhi Jain