नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। देश कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर से गुजर रहा है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में तमाम लोगों के मन में हेल्थ इंश्योरेंस और ट्रैवल इंश्योरेंस को लेकर तमाम सवाल हैं। जिन लोगों ने यह इंश्योरेंस ले रखें हैं, उनकी अपनी अलग चिंताएं और सवाल हैं तथा जिन लोगों ने यह इंश्योरेंस अभी नहीं लिया हैं, वह इन्हें लेने और न लेने के बीच सोच में फंसे हैं। इन्हीं तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए Jagran Dialogue की नई कड़ी में Jagran New Media के डिप्‍टी एडिटर Manish Mishra ने पॉलिसी बाजार के हेल्थ इंश्योरेंस विभाग के हेड अमित छाबड़ा से बातचीत की।

इस दौरान अमित छाबड़ा ने लाइफ इंश्योरेंस, हेल्‍थ इंश्‍योरेंस और ट्रैवल इंश्‍योरेंस की अहमियत और इनसे जुड़े तमाम सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए हेल्‍थ इंश्‍योरेंस लेना मौजूदा वक्‍त में बहुत जरूरी हो गया है। उन्‍होंने बताया कि महानगर में रहने वाले हर समर्थ व्‍यक्ति को अपने परिवार के लिए कम से कम एक करोड़ रुपये की हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी लेनी चाहिए क्‍योंकि हेल्‍थकेयर के खर्च पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ गए हैं। जो परिवार अधिक सम इंश्‍योर्ड वाली पॉलिसी नहीं ले सकते, उन्‍हें 5-10 लाख रुपये की बेस पॉलिसी के साथ टॉप-अप या सुपर टॉप अप पॉलिसी लेनी चाहिए।

इसके अलावा उन्होंने और क्या-क्या बताया, यह वीडियो में देखिए-

छाबड़ा ने बताया कि बाजार में कोरोना वायरस को लेकर विशेष हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी उपलब्‍ध तो हैं लेकिन ये सिर्फ कोरोना वायरस के इलाज के लिए है और इसका मैक्सिमम सम इंश्‍योर्ड 5 लाख रुपये होता है जबकि रेगुलर हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी का कवर इससे ज्‍यादा भी ले सकते हैं और उसका इस्‍तेमाल आप कोरोना के अलावा अन्‍य बीमारियों के इलाज के लिए भी कर सकते हैं। इसीलिए अगर संभव हो तो रेगुलर हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी लें।

छाबड़ा ने बताया कि हेल्‍थ इंश्‍योरेंस हो या लाइफ इंश्‍योरेंस, आपके क्‍लेम में किसी तरह की दिक्‍कत न आए, इसके लिए जरूरी है कि आप प्रपोजल फॉर्म भरते समय यानी पॉलिसी के लिए आवेदन करते समय कोई भी मौजूदा बीमारी छुपाएं नहीं। पूरी जानकारी सही-सही दें, फिर कोई कंपनी आपका क्लेम रिजेक्ट नहीं कर सकती।

Edited By: Lakshya Kumar