आपका वेतन आपके खाते में जमा हो गया है’ यह एसएमएस आपके मोबाइल पर महीने के आखिरी दिन आता है और आपको ढेर सारी राहत दे जाता है जिससे आप अपने अगले महीने के खर्च का ब्योरा तैयार कर लेते हैं कि सभी ईएमआइ, मकान किराया, बच्चों की स्कूल फीस, क्रेडिट कार्ड बिल तथा अन्य कई बातें मसलन आपका परिवार, घरेलू सामान और मासिक खर्च आपके वेतन पर आधारित है।

क्या आपने कभी कल्पना की है कि यदि किसी दिन यह ‘शुभ एसएमएस’ नहीं आया तो? महीने का सारा नकद प्रवाह थम जाएगा और अगर आप आसपास नहीं होंगे तो आपकी अनुपस्थित में कौन ईएमआइ को चुकाएगा, खासकर अगर कोई अन्य आय नहीं है। यदि घर का किराया नहीं चुकाया गया तो आपके परिवार को समझौता करते हुए एक छोटे से मकान या और किफायती अपार्टमेंट में रहने को मजबूर होना पड़ सकता है? स्कूल की फीस का भुगतान कौन करेगा?

इस विचार के मन में आते ही आपके माथे पर चिंता की लकीरें तन जाती होंगी और आप स्वयं से जूझते हुए यह सोचने को विवश हो जाते होंगे कि ‘कैसे मैं अपनी मासिक आय को परिवार के लिए अपनी अनुपस्थित में सुरक्षित रख सकूं।’ स्कूल और कॉलेज में वर्षों की कड़ी मेहनत भविष्य में अच्छे वेतन का एक प्रकार से बीमा समझी जाती है, लेकिन जब आप इस अपनी मेहनत का फल पाने की स्थिति तक पहुंचते हैं, तब आप किस प्रकार अपनी इस खून पसीने की कमाई का किस प्रकार बीमा किया जाए इस बारे में सोचते हैं?

इन हालात से उबरने का केवल मात्र एक ही रास्ता है कि आप अपने वेतन का बीमा करवा लें। तब आपका वेतन कभी नहीं मरने वाला हो जाएगा। वेतन सुरक्षा बीमा प्लान एक जीवन रक्षक का काम करता है। यह केवल वित्तीय मदों को ही कवर नहीं करता, बल्कि इसे तथा इसके पाने वाले को बीमित रखता है। इतना ही नहीं, यह आय की राशि के सही प्रवाह को बीमित कर्मचारी के बचे कार्यकाल तक प्रदान करता है।

बीमा के साथ वेतन की सुरक्षा
आज की दुनिया में कथित विकलांगता को अलग नजरिये से देखा जाता है। यह अपने आसपास के लोगों के लिए एक प्रेरणा बन जाती हैं। लेकिन जब आप अचानक किसी विकलांगता का सामना करते हैं तो यह आपको केवल शारीरिक रूप से ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि आप वित्तीय रूप से भी चिंता में पड़ जाते हैं। वेतन के अभाव में मौजूदा जीवनशैली को बनाए रखने के लिए खर्च करना आपके लिए परेशानी का सबब बन जाता है, यह आपको अपने जीवन के प्रति कटु और आक्रोशपूर्ण बना देता है। आप सैलरी की सुरक्षा आपके के लिए कम समस्यामूलक है।

नियमित आय के कारण आप में वित्तीय सुरक्षा से इस प्रकार के अप्रत्याशित हालातों से जूझने का जज्बा जन्म लेता है और सहायता मिलती है। इतना ही नहीं, दोस्त और परिवार ऐसे पूरे समय में आपको व्यापक समर्थन देते है, लेकिन एक बार बीमा के माध्यम से किसी को यदि वेतन मिलता है तो वह अपनी वित्तीय आजादी को लेकर आश्वस्त हो जाता है। ऐसे में आपको किसी से उधार लेने की भी जरूरत नही होती। एक स्मार्ट बीमा आपको न केवल गौरव के साथ जीने का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि जैसे ही आपकी स्थिति ठीक हो जाती है यह आपको प्रेरणा भी देता है कि विकलांगता आपको ‘अपने पांवों पर खड़ा होने’ से नहीं रोक सकती।

वेतन बहाली
रोटी कमाने वाला परिवार की रीढ़ हुआ करता है। वेतन पाने वाले का यह दायित्व होता है कि वह कई वित्तीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करे। ये जिम्मेदारियां आमतौर पर हानिरहित होती हैं। इनसे आपकी दिन प्रतिदिन की गतिविधियां आसानी के साथ चल सकती हैं, वह भी उन हालात में जब आपकी आय रुक जाए। एक बीमित वेतन आपको बुनियादी वित्तीय जिम्मेदारियों को लेकर तनावमुक्त कर सकता है। बच्चे की ट्यूशन या रेहननामा आपके साथी नहीं बन सकते। आपकी अनुपस्थिति मे तत्काल वित्तीय सहायता की जरूरत पड़ती है। ऐसे समय में आपका बीमा कवर आपके प्रियजनों का वित्तीय सुरक्षा चक्र बन जाता है। वे दिन-प्रतिदिन की प्राथमिकताओं को पूरा कर पाते हैं। यह उन्हें बीमा दावों के आंशिक भुगतान के लिए निवेश के योग्य भी बना देता है, जो उनके भविष्य में जीवनयापन के लिए आय का मध्यम बन जाते हैं।

कल्पना की कीजिए कि पैसो के अभाव में आपको बच्चे की शिक्षा से समझौता करना पड़े या आपकी आय न रहने पर आपको अपना घर खोना पड़े।

आप एक इश्योरेंस प्लान चुन सकते हैं, जो आपको निम्न सेवाएं प्रदान करता है:
-तत्काल एकमुश्त राशि का मुआवजा
-एक पर्याप्त व नियमित आय मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए
-एक ही पॉलिसी में विकलांगता या अक्समात मृत्यु दोनों को कवर करने
-जटिल बीमारी में जो कि निदान के बाद स्वयं ही प्रमुख अधिकार बन जाती है
-साधारण और झंझटमुक्त ऑनलाइन खरीद प्रक्रिया
-कर लाभ

केएस गोपालकृष्णन
एमडी व सीईओ
एगॉन रेलीगेयर लाइफ इंश्योरेंस

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