लंबी छुट्टियों और खासतौर पर विदेश जाने से पहले अब ट्रैवल इंश्योरेंस लेने का चलन बढ़ने लगा है। लेकिन अभी भी इसे लेकर कई भ्रांतियां हैं। लोगों में ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी में मिलने वाले लाभों को लेकर आमतौर पर काफी विवाद रहता है। ज्यादातर लोग तो पॉलिसी लेते समय इसका आकलन भी नहीं करते कि वे जो पॉलिसी लेने जा रहे हैं, उसमें क्या शामिल है और क्या नहीं। जबकि हमारे लिए जितना यह जानना जरूरी है कि पॉलिसी में हमें क्या क्या लाभ मिल रहे हैं, उतना ही यह भी जानना जरूरी है कि ऐसी कौन सी बाते हैं जिनका लाभ हमें पॉलिसी में नहीं मिलेगा। आइए आपको बताते हैं कि ट्रैवल इंश्योरेंस की किसी भी पॉलिसी में आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और क्या लाभ आपको नहीं मिलते।

मौजूदा बीमारी :

आमतौर पर सभी तरह की यात्रा बीमा पॉलिसी में आपकी पहले से चल रही बीमारियों को कवर नहीं मिलता। यात्रा के दौरान अगर आपको ऐसी ही किसी बीमारी के चलते कोई समस्या आती है तो वह ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी में कवर नहीं होगी।

बैगेज पहुंचने में देरी :

विदेश जाने वाली फ्लाइट पर यदि आपका बैगेज देरी से पहुंचता है तो उसकी भरपाई तो ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी में होती है। लेकिन यदि बैगेज पहुंचने में 24 घंटे से कम समय लगता है तो पॉलिसी में उसका लाभ नहीं मिलता। इसलिए जरूरी है कि विदेश जाते समय अपने साथ उतना सामान अवश्य रखें कि अगर बैगेज 24 घंटा देरी से पहुंचे तो आपको किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े।

पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज गुम होना :

यात्रा के दौरान अपने पासपोर्ट व यात्रा संबंधी अन्य दस्तावेजों को चोरी या गुम होने से बचाना बेहद आवश्यक है। यदि आप अपने इन दस्तावेजों को सार्वजनिक जगहों पर भूल जाते हैं या छोड़ देते हैं तो उसके नुकसान की भरपाई आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी में नहीं होगी। अगर आपके पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज चोरी हो जाते हैं तो आपको स्थानीय पुलिस में उसकी रिपोर्ट करानी होगी। उसके बाद ही आप क्लेम के हकदार होंगे।

एडवेंचर स्पोट्रर्स व एक्टिविटीज :

विदेश में किसी भी तरह के एडवेंचर स्पोट्रर्स व एक्टिविटीज में चोटिल हो जाने पर उसके इलाज का खर्च आप पॉलिसी के तहत नहीं प्राप्त कर सकते। यात्रा बीमा पॉलिसी के तहत उन गतिविधियों की सूची दी जाती है, जिन्हें कवरेज में शामिल किया जाता है। ऐसी गतिविधियों में पर्वतारोहण, पैरासेलिंग, हैैंड ग्लाइडिंग या बंगी जंपिंग जैसे खेल शामिल नहीं हैं।

यात्रा अवधि की सीमा :

ज्यादातर सभी बीमा कंपनी अपनी ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी में यात्रा अवधि का उल्लेख करती हैं। यही वजह है कि ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी लेते वक्त यह जानना बेहद जरूरी है कि आप लगातार कितने दिन तक इस पॉलिसी के कवरेज में रहेंगे। अगर आप एक दिन अधिक भी रुकते हैं तो आप पॉलिसी का लाभ पाने से वंचित हो
सकते हैं।

सुब्रमण्यम बी
सीनियर वाइस प्रेसिडेंट
भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस
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