नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। इस मानसून सीजन में कार पर पेड़ गिरने या फिर गाड़ी के जलभराव में फंसने की समस्याएं सामान्य रुप से देखी जा रही हैं। लेकिन क्या आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस ऐसी आपदाओं को कवर करता है? क्या आप जानते हैं कि बारिश के मौसम में भारी भरकम पेड़ के गिरने, भूस्खलन और जलभराव के कारण आपकी गाड़ी में नुकसान होने से बचने के लिए आप कैसे और किस तरह का इंश्योरेंस करवा सकते हैं। हम अपनी इस खबर में आपको इसी बारे में जानकारी दे रहे हैं।

व्हीकल इंश्योरेंस लेने के दौरान आमतौर पर लोग थर्ड पार्टी डैमेज के बारे में ज्यादा सोचते हैं या फिर खुद को होने वाले नुकसान के बारे में। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो कि वास्तव में प्राकृतिक आपदाओं जैसे कि बाढ़, भूकंप और भूस्खलन के कारण कार को होने वाले नुकसान के बारे में सोचते हैं। जानिए प्राकृतिक आपदाओं के कारण कार को होने वाले नुकसान की सूरत में आप अपने वाहन का बीमा कैसे प्राप्त कर सकते हैं।

कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस: आपको अपने वाहन के लिए कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी लेनी चाहिए।कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में लगभग हर तरह की क्षति शामिल होती है। जानिए इसकी विशेषताएं...

  • अगर गाड़ी को नुकसान आपकी गलती से होता है, तो भी पॉलिसी में इसे कवर किया जाता है।
  • वाहन के चोरी होने की स्थिति में भी आपको सुरक्षा दी जाती है।
  • प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाला नुकसान भी इस पॉलिसी में शामिल होता है।
  • पॉलिसी में इंजन की सुरक्षा भी शामिल है।
  • कोई भी दुर्घटना होने पर थर्ड पार्टी की देनदारियों को कवर करने के लिए गाड़ी मालिक से कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं लिया जाता है।

क्यों लें यह बीमा?

इसके तहत गाड़ी की चोरी, आग से नुकसान, बाढ़ के पानी के कारण होने वाला नुकसान, भूकंप, भूस्खलन, तूफान आदि प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाली क्षति को कवर किया जाता है। साथ ही आपके वाहन के कारण होने वाला थर्ड पार्टी नुकसान भी इसमें शामिल होता है। इसके अलावा पेड़ गिरने से होने वाली क्षति, किसी जानवर से होने वाली क्षति भी इसके तहत आती हैं।

ये नुकसान नहीं होते शामिल:

इस बीमा पॉलिसी में किसी भी तरह का मेकेनिकल, इलेक्ट्रिक नुकसान शामिल नहीं होता है। अगर किसी दुर्घटना के बिना ही टायर, ट्यूबों में कोई नुकसान होता है तो बीमा कंपनी इसे कवर नहीं करती है। (अगर किसी दुर्घटना में गाड़ी के साथ टायर और ट्यूब को क्षति पहुंचती है तो बीमा कंपनी 50% बदलाव लागत कवर करेगी)। इसके अलावा नशीले पदार्थ के साथ ड्राइविंग करने पर गाड़ी में हुए नुकसान इसमें कवर नहीं किए जाते हैं।

Posted By: Surbhi Jain